लोकसभा चुनाव से पहले ही इन दोनों अस्पतालों में डायलिसिस मशीनें लगाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, इसलिए मौजूदा समय डायलिसिस मशीनों को स्थापित करने का काम तेजी से चल रहा है।
किडनी के मरीजों को पूर्वी दिल्ली के स्वामी दयानंद अस्पताल और उत्तरी दिल्ली के बालकराम अस्पताल में एक माह बाद रियायती दरों पर डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। लोकसभा चुनाव के बाद दोनों अस्पतालों में 16-16 बेड का नेफ्रोलॉजी विभाग शुरू हो जाएगा। इससे किडनी के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। एक अनुमान के मुताबिक दिल्ली में रोज करीब 8-10 हजार मरीज डायलिसिस के लिए अस्पतालों में पहुंचते हैं। ऐसे में दिल्ली के एम्स और सफदरजंग जैसे बड़े अस्पतालों में डायलिसिस के लिए मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लगती हैं।
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करीब एक महीने बाद दिल्ली नगर निगम के इन दो अस्पतालों में किडनी के मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। दोनों अस्पतालों में पीपीपी मोड पर नेफ्रोलॉजी विभाग स्थापित करने का काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही पूर्वी और उत्तरी दिल्ली के खासकर स्थानीय रोगियों को डायलिसिस कराने के लिए बड़ी राहत पहुंचेगी।
सीजीएचएस रेट पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
लोकसभा चुनाव से पहले ही इन दोनों अस्पतालों में डायलिसिस मशीनें लगाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, इसलिए मौजूदा समय डायलिसिस मशीनों को स्थापित करने का काम तेजी से चल रहा है। एमसीडी अधिकारियों के मुताबिक दोनों अस्पतालों में सीजीएचएस रेट पर मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। दोनों अस्पतालों में शुरुआत में 12 घंटे के लिए डायलिसिस सेवा शुरू की जाएगी। बाद में इसे बढ़ाकर 24 घंटे कर दिया जाएगा। स्वामी दयानंद अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू होने से शाहदरा के साथ-साथ यमुनापार के बाकी इलाकों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। इसी तरह बालकराम अस्पताल में डायलिसिस शुरू होने के बाद तिमारपुर के साथ-साथ उत्तरी दिल्ली के अन्य इलाके जैसे कि मजनू का टीला, मॉडल टाउन, आजादपुर व जहांगीरपुरी तक मरीजों को बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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जरूरत के लिहाज से बढ़ाए जाएंगे बेड
शुरुआत में दोनों ही अस्पतालों में हर दिन 16-16 बेड पर डायलिसिस होगी। लेकिन जरूरत पड़ने पर इन दोनों अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी। एमसीडी और खासकर निजी सहयोगियों की मदद से दोनों ही अस्पतालों में ये सेवा शुरु हो रही है, इसलिए यहां पर सेवा विस्तार में फंड की कमी नहीं आएगी।
आधुनिक मशीनरी का होगा इस्तेमाल
दोनों अस्पतालों के डायलिसिस केंद्रों में आधुनिक तकनीक की मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें सिंगल यूज डायलाइजर का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा डायलिसिस मशीन पंप, हीटर, सुरक्षा मॉनिटर और अलार्म इत्यादि भी नई तकनीक पर आधारित होंगे।