डीडीए हाउसिंग स्कीम 2014 का फ्लैट लोगों को पसंद नहीं आ रहा है। अभी तक छह हजार से भी अधिक लोगों ने फ्लैट को वापस कर दिया है। वहीं, अब उनके सामने दूसरी परेशानी खड़ी हो गई है।
तीन महीने पहले अपने फ्लैट को डीडीए को वापस करने के बावजूद उन्हें पंजीकरण राशि नहीं मिल रही है। इसके चलते हजारों लोग डीडीए कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
इनमें हॉकी के जादूगर ध्यानचंद के दामाद और नाती भी शामिल हैं। दूसरी ओर जो सफल आवेदक हैं वे मालिकाना हक को लेकर चक्कर काट रहे हैं। दरअसल, ध्यानचंद के दामाद के बेटे सुमेर सिंह का विकलांग श्रेणी में हाउसिंग स्कीम 2014 में घर निकला था।
लेकिन, घर का साइज छोटा होने व इलाका विकसित नहीं होने के कारण उन्होंने तीन महीने पहले फ्लैट वापस कर दिया। अभी तक उन्हें पंजीकरण राशि वापस नहीं मिल सकी है।