फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ध्रुव अपहरण कांड मामला: दो महिलाओं समेत पांच को मिली उम्रकैद

Wed, 22 May 2019 06:38 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
विज्ञापन
ध्रुव मावी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

2013 में सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव बिरौंडी से छङ साल के मासूम ध्रुव मावी अपहरण केस में एडीजे वेदप्रकाश वर्मा फास्ट ट्रैक-1 अदालत ने दो महिला समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों ने यूकेजी के छात्र ध्रुव को अगवा कर पीड़ित परिवार से फोन कर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। पुलिस ने बच्चे को वारदात के दो दिन बाद बुलंदशहर कोतवाली देहात के गांव धमरावली से बरामद कर लिया था। 

विज्ञापन


सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रोहताश शर्मा और अधिवक्ता श्यामसुंदर मावी ने बताया कि बिरौंडी गांव निवासी करतार सिंह ने सूरजपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा था कि उनके भाई मनोज का बेटा ध्रुव 7 मई 2013 को सुबह लगभग नौ बजे घर के बाहर खेल रहा था। इसके बाद ध्रुव का अता-पता नहीं चला। अगले दिन चाचा राजवीर सिंह के पुत्र के मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि तुम्हारा भतीजा उनके पास है, जल्दी से 50 लाख रुपये का बंदोबस्त कर लो, हम कल फोन करेंगे। इतना कहने के बाद ही अज्ञात आरोपी ने फोन काट दिया।

पुलिस ने केस दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू की थी और अगले ही दिन एक्सप्रेसवे की ओर से आ रही सफेद कार को रोककर सुंदर सिंह चौधरी पुत्र राजपाल निवासी गांव सेंथरी अनूपशहर (बुलंदशहर) को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। सुंदर चौधरी ने पुलिस को बताया कि बच्चू सिंह खानपुर (बुलंदशहर), महेंद्र पुत्र खचेड़ा धमरावली (बुलंदशहर), हेमलता उर्फ बबिता पत्नी चंद्रबोस औरंगाबाद (बुलंदशहर) के साथ मिलकर फिरौती वसूलने के लिए ध्रुव का योजना बनाकर अपहरण किया था। सुंदर ने बताया था कि धमरावली (बुलंदशहर) निवासी महेश खटीक के घर उसकी पत्नी विमलेश के पास छुपाकर रखा था। सुंदर की निशानदेही पर पुलिस ने धमरावली पहुंचकर महेश के मकान से बच्चे को बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन

 

विज्ञापन

बंधक रखने के लिए मिले थे 20 हजार रुपये

विमलेश ने जानकारी दी थी कि बच्चे को उसका देवर महेंद्र, बच्चू सिंह और हेमलता उसके पास लेकर आए थे। आरोपियों ने विमलेश को फिरौती मिलने के बाद 50 हजार रुपये अतिरिक्त देने को कहा था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश की। अदालत गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद पांचों आरोपियों को दोषी मानते हुए अपहरण और अपहरण की साजिश में आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, बंधक बनाकर रखने के दोष में सात साल और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। 

सुंदर ने हेमलता को किरायेदार बनाकर भेजा था
अधिवक्ता श्यामसुंदर ने बताया कि आरोपी सुंदर सिंह गांव स्थित उनके अस्पताल धर्मराज (अस्पताल अब बंद हो चुका है) में दवा लेने आया था। आरोपी सुंदर सिंह ही अपहरण केस का मास्टर माइंड था। उसने साजिश रचने के बाद बच्चू सिंह व हेमलता उर्फ बबिता को उनके घर में किराये पर रहने के लिए भेजा था। आरोपी एक दूसरे को पति-पत्नी बता रहे थे। इसके बाद आरोपियों ने वारदात को अंजाम दे दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें