छठ पूजा से पहले हिंडन घाट की सफाई के दौरान सिविल डिफेंस के सफाई अभियान में किसी प्रकार की बाल मजदूरी के साक्ष्य नहीं मिले हैं।
प्रशासन की जांच में यह बात सामने आई है कि सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन धर्मपाल गर्ग के खिलाफ साजिश रचते हुए बाल मजदूरी की अफवाह फैलाई गई।
सोमवार को डीएम विमल कुमार शर्मा ने एडीएम सिटी रक्षपाल सिंह की जांच रिपोर्ट पर अपनी मुहर लगा दी। प्रशासन का फोकस अब उन लोगों पर है, जिन्होंने इस साजिश को रचा।
डीएम ने डीजी सिविल डिफेंस को रिपोर्ट भेजते हुए साजिशकर्ताओं का पता लगाने के लिए अलग से जांच कराए जाने की संस्तुति की है।
छठ पूजा पर हिंडन घाट की सफाई अभियान के दौरान सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन धर्मपाल गर्ग पर आरोप लगा था कि कुछ बच्चों को पैसे का लालच देकर उन्हें हिंडन के गंदे पानी में सफाई के लिए उतार दिया गया।
मामले की जांच के लिए अगले ही दिन आईजी सिविल डिफेंस अमिताभ ठाकुर गाजियाबाद पहुंचे थे। आईजी ने भी अपनी रिपोर्ट में माना था कि हिंडन पर बाल मजदूरी के पर्याप्त साक्ष्य मिले।
इसी के चलते उन्होंने सिविल डिफेंस के उप नियंत्रक जसंवत सिंह के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने और चीफ वार्डन धर्मपाल गर्ग को पद से हटाने के साथ-साथ उनके राष्ट्रपति मेडल भी वापस लिए जाने की संस्तुति की थी।
डीएम ने इस मामले की जांच पहले सिटी मजिस्ट्रेट कपिल सिंह और बाद में एडीएम सिटी रक्षपाल सिंह को सौंपी थी।
तीन दिन पूर्व एडीएम सिटी ने अपनी रिपोर्ट डीएम को भेज दी थी।
रिपोर्ट में एडीएम सिटी ने आशंका जताई थी कि धर्मपाल गर्ग के खिलाफ साजिश रची गई। डीएम ने धर्मपाल गर्ग को क्लीनचिट देते हुए रिपोर्ट डीजी को भेज दी है।
‘देर से ही सही मगर सच आया सामने’ - धर्मपाल गर्ग
डीएम की जांच रिपोर्ट में क्लीन चिट मिलने के साथ ही सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन धर्मपाल गर्ग ने इसे सच्चाई की जीत बताया है। उनका कहना है कि देर से ही सही, मगर सच सामने आया है। साजिश रचने वालों ने तो जमकर उछलकूद करते हुए उनकी छवि बिगाड़ने की पूरी कोशिश की थी, मगर उन्हें मुंह की खानी पड़ी।
‘आज भी अपनी रिपोर्ट पर हूं कायम’ - अमिताभ ठाकुर
हिंडन घाट पर बाल मजदूरी प्रकरण में अपनी रिपोर्ट में सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन धर्मपाल गर्ग को दोषी मानने वाले आईजी सिविल डिफेंस अमिताभ ठाकुर का कहना है कि वह आज भी अपनी जांच रिपोर्ट पर पूरी तरह से कायम हैं। उन्होंने एक-एक बिंदु की पड़ताल की थी। डीएम की जांच रिपोर्ट के बारे में उनका कहना था कि रिपोर्ट पढ़ने के बाद ही वह इस मामले में कुछ कहेंगे।
हिंडन आज भी मैली
सफाई अभियान में बाल मजदूरी में जांच का ऐसा पेंच फंसा कि उसमें हिंडन नदी फंस गई। मिथिलांचल सेवा समिति के पदाधिकारी पवन झा और लाइनपार आरडब्ल्यूए फेडरेशन के अध्यक्ष डा. आरके आर्य का कहना है कि सिविल डिफेंस और मिथिलांचल समिति के बैनर तले चले अभियान में पांच बच्चों को पैसा देकर सफाई करवाए जाने के मामले के बाद से हिंडन सफाई अभियान ठप पड़ गया है।
प्रदूषित हो रही हिंडन की सफाई के लिए यदाकदा सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों, आरडब्ल्यूए के साथ-साथ सरकारी स्तर पर हिंडन सफाई का काम होता ही रहता था, मगर बाल मजदूरी का मुद्दा ऐसा उठा तो कुछ लोगों ने अपने कदमों को रोक लिया।
ऐसे में हिंडन नदी अब भी अपने उद्धार के लिए लोगों को पुकार रही है। छठ पूजा भी बीत चुकी है और हिंडन में पानी भी छोड़ा जा चुका है। एक माह पूर्व हुए इस प्रकरण के बाद आज तक हिंडन के घाट गंदे पडे़ हुए हैं।