हिंडन सफाई अभियान के दौरान सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन के साथ बाल मजदूरी कराने के नाम पर साजिश रची गई थी। प्रशासनिक जांच में कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
मामले की जांच कर रहे एडीएम सिटी रक्षपाल सिंह शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट डीएम विमल कुमार शर्मा को सौंप सकते हैं।
17-18 पेज की इस रिपोर्ट में कई ऐसे बिंदुओं को उठाया गया है, जिसमें चीफ वार्डन धर्मपाल गर्ग के खिलाफ साजिश रचे जाने की बात को बल मिलता है।
सुबह 9.30 बजे ही व्हाट्स एप पर प्रसारित हो गए थे फोटो
सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक जांच में यह बात सामने आई है कि हिंडन सफाई अभियान के दौरान सुबह 9.30 बजे ही व्हाट्स एप के जरिए फोटोग्राफ शहर भर में फैला दिए गए।
स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना न देकर फोटो सीधे लखनऊ भेजे गए। यानि पहले से ही तय था कि शिकायत पहुंचते ही लखनऊ से एक्शन शुरू हो जाएगा।
डीएम को मिले पोस्टकार्ड से ठनका माथा
एक गुमनाम व्यक्ति द्वारा डीएम विमल कुमार शर्मा के नाम भेजे गए पोस्टकार्ड से प्रशासनिक अधिकारियों का माथा ठनका।
पोस्टकार्ड भेजने वाले शरारती ने चीफ वार्डन धर्मपाल गर्ग पर आरोप लगाया गया था कि इस मामले की जांच करने गाजियाबाद आए आईजी अमिताभ ठाकुर के लखनऊ स्थित आवास पर धर्मपाल गर्ग ने ही चोरी कराई थी।
इसके अलावा विगत वर्ष महंत नारायण गिरि पर उनके द्वारा ही हमला कराया गया। पोस्टकार्ड लिखने वाले ने इस बाबत सीबीआई जांच कराए जाने की मांग भी की थी।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि अगर इन इल्जामों का वाकई किसी के पास कोई सबूत है तो वह सामने क्यों नहीं आता। पोस्टकार्ड भेजने वाले शरारती की भी तलाश की जा रही है।
‘अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।’ - विमल कुमार शर्मा, डीएम गाजियाबाद।