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तंजील अहमद की पत्नी फरजाना को 100 फीसदी पेंशन, डीजी BSF मिलने पहुंचे

Tue, 05 Apr 2016 05:54 AM IST
सौरभ श्रीवास्तव/अमर उजाला, नोएडा
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डीजी बीएसएफ - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के निर्देश पर सोमवार को डीजी बीएसएफ केके शर्मा फोर्टिस अस्पताल में शहीद डीएसपी तंजील अहमद की पत्नी फरजाना को देखने पहुंचे। तंजील 6 साल से डेपुटेशन पर नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) में तैनात थे।
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बीएसएफ में उनकी पोस्टिंग असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर थी। डीजी बीएसएफ ने तंजील को बहादुर अफसर बताया। कहा कि उनकी पत्नी फरजाना को सौ फीसदी पेंशन देने पर विचार किया जा रहा है।

डीजी केके शर्मा ने बताया कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह पूरी घटना को लेकर चिंतित हैं। वह पल-पल की रिपोर्ट एनआईए और बीएसएफ के अधिकारियों से ले रहे हैं।

फरजाना को सौ फीसदी पेंशन दिए जाने पर विचार किया जा रहा

डीजी, बीएसएफ - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
तंजील अहमद की पत्नी फरजाना को सौ फीसदी पेंशन दिए जाने पर विचार किया जा रहा है। जितनी लास्ट सैलरी तंजील अहमद ने ड्रा की थी वही सैलरी पेंशन के रूप में दी जाएगी।

फोर्टिस अस्पताल में चल रहे उनके  इलाज का खर्च गृह मंत्रालय उठाएगा। बताया कि डॉक्टरों से फरजाना की तबियत को लेकर बात की है। अगले 48 घंटे उनके लिए काफी क्रिटिकल हैं। डीजी के साथ एनआईए के आईजी संजीव कुमार और आईजी बीएसएफ सुदेश कुमार भी थे।

हत्या की जांच के संबंध में कोई भी टिप्पणी करने से सभी अफसरों ने मना कर दिया। डीजी ने सिर्फ इतना ही कहा कि लोकल पुलिस के साथ एटीएस और एसटीएफ की टीमें काम कर रही है।
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डीजी को याद नहीं तंजील की बहादुरी

- फोटो : ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
अमर उजाला संवाददाता ने डीजी बीएसएफ केके शर्मा से जब पूछा कि तंजील अहमद के कौन से बहादुरी के कार्य हैं जो उन्हें अन्य अफसरों से अलग रखते हैं। इस सवाल पर डीजी चुप से हो गए।

उन्हें इतना तो याद था कि तंजील बहादुर अफसर थे, लेकिन उन्हें यह याद नहीं था कि उन्होंने आखिर कौन-कौन से बहादुर के कार्य किए। डीजी केके शर्मा ने जवाब दिया कि उन्हें इस समय कुछ भी याद नहीं है। डीजी जब ये बातें कह रहे थे तो तंजील अहमद का पूरा परिवार उनके सामने खड़ा था।

गौरतलब है कि एक शहीद अफसर के बहादुरी के कारनामों की चर्चा उनका अधिकारी करता है तो शायद शहीद के परिजनों को थोड़ा ढांढस मिलता। उनकी बहादुरी के किस्से दुनिया के सामने सुनाए जा रहे हैं।
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