बारिश के बाद जलभराव ने खोखले कर दिए दावे, लक्ष्मी नगर में गाद निकासी पर सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भारी बारिश के बाद दिल्ली में मानसून तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के दावे पानी में उतर गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जलभराव वाले स्थानों की संख्या 169 से घटकर 34 होने का दावा किया था, लेकिन हालिया बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव ने इस दावे को खोखला साबित कर दिया है।
यादव ने लक्ष्मी नगर बाजार में बारिश के बाद गाद निकालने के काम को भी निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि मानसून से पहले नालों की सफाई पूरी नहीं हुई थी। जल निकासी और सड़क निर्माण से जुड़े कई काम कागजों तक सीमित रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में दिनों से पानी जमा रहने से सीवेज मिलने के कारण डेंगू, मलेरिया व जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
देवेंद्र यादव ने पिछली आम आदमी पार्टी व भाजपा सरकार पर मानसून से जुड़ी समस्याओं का समाधान न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आईटीओ पंप हाउस अपग्रेड योजना के लिए 1.3 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत है, लेकिन इसे पूरा होने में तीन महीने लगेंगे। ऐसे में विकास मार्ग, आईटीओ, तिलक मार्ग, सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन व तिलक ब्रिज अंडरपास में इस मानसून जलभराव बना रहेगा।