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बच्चों की संख्या बढ़ने के बावजूद बंद हो रहे स्कूल

Tue, 08 Sep 2015 01:41 PM IST
विनोद डबास/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने 10 स्कूल बंद करने का फैसला किया है। इन स्कूलों को बंद करने के पीछे बच्चों की संख्या पर्याप्त नहीं होने का तर्क दिया गया है।
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इसके अलावा नगर निगम के स्कूलों के स्वरूप में परिवर्तन होना भी आरंभ हो गया है। इस वर्ष बालक व बालिकाओं के स्कूलों की संख्या बढ़ी है और सह शिक्षा स्कूलों की संख्या में कमी हुई है।

दक्षिण दिल्ली नगर निगम के 589 स्कूलों में इस वर्ष बच्चों की संख्या करीब नौ हजार बढ़ी है। गत वर्ष दो लाख 84 हजार बच्चे पढ़ते थे, जबकि इस वर्ष दो लाख 93 हजार बच्चे पढ़ रहे हैं।
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पिछले वर्ष से बढ़ी है बच्चों की संख्या

उधर, नगर निगम ने आरकेपुरम सेक्टर-एक और पांच, इंडियन एयर लाइंस कॉलोनी, पुष्प विहार सेक्टर-चार, कालकाजी के ब्लॉक, तैमूर नगर, राजनगर, पालम एंक्लेव, सेवा नगर और चिराग दिल्ली स्थित स्कूल बंद करने का फैसला किया है। इन स्कूलों का सुबह वाली पाली में विलय किया जाएगा।

इस संबंध में मंगलवार को स्थायी समिति की बैठक में आयुक्त की ओर से प्रस्ताव लाया जा रहा है। समिति अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा का कहना है कि यह स्कूल बंद करने से बच्चों की शिक्षा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके अलावा अभिभावकों को भी दिक्कत नहीं होगी।

दूसरी ओर नगर निगम के सह शिक्षा स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ने के चलते के स्कूलों के स्वरूप में भी परिवर्तन होने का सिलसिला शुरू हो गया। गत वर्ष 275 सह शिक्षा स्कूल थे।

जबकि इस वर्ष इन स्कूलों की संख्या 209 है। बाल स्कूल 32 बढ़ गए, जबकि बालिका स्कूल 34 बढे़ हैं। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष बाल और बालिकाओं की संख्या में साढ़े चार-चार हजार की बढ़ोत्तरी हुई है। इसके चलते 66 स्कूलों का स्वरूप बदल गया।
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