फोटो:- तावडू नगर के वार्ड नंबर दस में नाले में गिरी महिला।
नाले में गिरकर महिला घायल
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। नगर पालिका द्वारा मानसून से पहले बरसाती नालों की दो बार सफाई कराने के दावों के बावजूद रविवार को हुई हल्की बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी। बारिश के बाद कई मोहल्लों और गलियों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान जलभराव के बीच एक महिला खुले नाले में गिरकर घायल हो गई।
रविवार दोपहर बाद हुई बारिश के दौरान गुडियारी, जिला सहरसा (बिहार) निवासी जूना देवी, जो पति अंगद शाह के साथ क्षेत्र में मजदूरी का कार्य करती है, काम से लौट रही थी। इसी दौरान जलभराव के बीच रास्ता पार करते समय उनका पैर फिसल गया और वह खुले बरसाती नाले में गिर गईं। मौजूद लोगों ने उन्हें नाले से बाहर निकाला और उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हल्की बारिश के कारण कई स्थानों पर पानी भर गया था। जलभराव के चलते नाले का किनारा दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह नाले में जा गिरी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली और संबंधित ठेकेदार के प्रति नाराजगी व्यक्त की।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन ने मानसून से पहले नालों की दो बार सफाई कराने का दावा किया था, लेकिन अधिकांश स्थानों पर नालों से निकाली गई गाद समय पर नहीं उठाई गई। लोगों का आरोप है कि कई जगह नाले दोबारा मिट्टी और कचरे से भर गए, जिसके कारण बारिश का पानी गलियों और सड़कों पर आ गए। जलभराव से पैदल राहगीरों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को ज्यादा कठिनाई हो रही है।
क्षेत्रवासियों का आरोप लगाया कि हर वर्ष नालों की सफाई पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन सफाई कार्य का प्रभाव जमीन पर दिखाई नहीं देता। उनका कहना है कि यदि समय रहते नालों की प्रभावी सफाई और नियमित निगरानी की जाती तो जलभराव और दुर्घटना जैसी घटनाओं से बचा जा सकता था। लोगों ने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने, खुले नालों को ढकने तथा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आगामी बारिश के दौरान हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।
वहीं नगर पालिका सचिव मोहित हुड्डा ने बताया कि नालों की दो बार सफाई कराई जा चुकी है। उनके अनुसार समस्या का मुख्य कारण कई स्थानों पर रैंप के नीचे से गुजर रही पेयजल पाइपलाइनें हैं, जो पानी की निकासी में बाधा उत्पन्न कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले भी जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को अवगत कराया जा चुका है तथा विभागीय अधिकारियों से पेयजल लाइनों को ऊपर उठाने की मांग की गई है ताकि नालों में रुकावट न हो। सचिव ने बताया कि जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण कराया जा रहा है और जहां भी समस्या सामने आ रही है, वहां तत्काल सफाई कराकर पानी की निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।