यूट्यूब से शुरू हुआ ठगी का खेल, पीड़ित ने दर्ज कराई थी ऑनलाइन शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
थाना साइबर क्राइम की टीम ने इनकम ग्रोथ प्लान के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विश्वास अग्रवाल निवासी पोंटा साहिब, सिरमौर, हिमाचल प्रदेश के रूप में हुई है। थाना साइबर क्राइम पलवल प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार के अनुसार मामले में पीड़ित विनोद कुमार निवासी सैनिक कॉलोनी, होडल ने साइबर क्राइम थाने में एक ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि उसने यूट्यूब पर इनकम ग्रोथ प्लान का एक विज्ञापन देखा था, जिसके बाद उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप में केवल 3 महीने में 500% रिटर्न का झांसा दिया गया और प्ले स्टोर से सीआईबी आरईसी नाम का एक ऐप डाउनलोड कराया गया। पीड़ित ने मुनाफे के लालच में आकर अपने व अपने बच्चों के बैंक खातों और अपनी सारी जमापूंजी से कुल मिलाकर 63,00,000 रुपये (तिरेसठ लाख रुपये) आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब पीड़ित ने अपने पैसे निकालने चाहे तो उससे और रुपयों की मांग की गई, जिससे उसे ठगी का अहसास हुआ।
शिकायत पर थाना साइबर क्राइम पलवल में बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और बैंक रिकॉर्ड के विश्लेषण से पता चला कि ठगी की राशि में से 10 लाख रुपये इंडसइंड बैंक के एक खाते में ट्रांसफर हुए थे, जो कि पोंटा साहिब स्थित कंगन स्टोर के प्रोप्राइटर विश्वास अग्रवाल के नाम पर रजिस्टर्ड था। मुखबिर की सूचना के आधार पर साइबर पुलिस टीम ने चार जुलाई को आरोपी विश्वास अग्रवाल को पोंटा साहिब, हिमाचल प्रदेश से नियमानुसार गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल फोन तथा संदिग्ध सिम कार्ड बरामद किए हैं। आरोपी विश्वास अग्रवाल से साइबर अपराध के हिस्से से आए रुपये बरामद किए जाने हेतु आरोपी को माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की प्रक्रिया की जा रही है। रिमांड में आरोपी से मामले में गहनता से पूछताछ की जाएगी ताकि सह-आरोपी भी गिरफ्तार किए जा सके और अन्य वारदातों व नेटवर्क के बारे में खुलासा किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक पलवल नीतीश अग्रवाल ने कहा कि वे सोशल मीडिया या यूट्यूब पर आने वाले अत्यधिक मुनाफे और निवेश के लुभावने विज्ञापनों के झांसे में न आएं। किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या ऐप के माध्यम से पैसे का निवेश न करें। यदि किसी के साथ इस प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या नजदीकी साइबर क्राइम थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराएं।