हत्या कैसे करें और वारदात के बाद पकड़े न जाएं, इंटरनेट से यह जानकारी लेने के बाद एक युवक ने अपने होने वाले साले की हत्या कर दी। ससुराल वालों की संपति पर कब्जा करने की नीयत से उसने वारदात को अंजाम दिया।
राजौरी गार्डन थाना पुलिस ने आरोपी अभिषेक को गिरफ्तार कर मामले में पर्दाफाश कर दिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका टूर एंड ट्रैवल्स का कारोबार है।
2012 में अमिता उसकी कंपनी में काम करती थी। दोनों के बीच नजदीकियां हुई और 2013 में दोनों की शादी तय हो गई। 2014 में अमिता के पिता पृथ्वीपाल का देहांत हो गया।
हथौड़े और बैट से वारकर दीपांशु की हत्या कर दी
पृथ्वीपाल की मौत के बाद से अभिषेक अमिता से रुपये मांगने लगा। उसने अमिता से 30 लाख रुपये ले लिए। उसे डर था कि शादी के बाद अमिता को पता चल जाएगा कि अभिषेक ने रुपये कहां खर्च किए।
ऐसे में शादी टालने के लिए उसने होने वाले साले दीपांशु की हत्या की साजिश रची। 20 नवंबर को परिजनों के बाजार जाने के बाद दीपांशु के घर पहुंच गया।
उसने हथौड़े और बैट से वारकर दीपांशु की हत्या कर दी। इसके बाद घर में ब्लास्ट करने के लिए रसोई गैस के चूल्हे को खोलने के बाद बिस्तर में आग लगा दी।
आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा, बैट, माचिस बरामद
पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा, बैट, माचिस और दीपांशु का मोबाइल बरामद कर लिया। पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त पुष्पेंद्र कुमार के मुताबिक 20 नवंबर की रात एक युवती ने पुलिस को फोन कर 17 वर्षीय भाई दीपांशु के गायब होने की सूचना दी।
इसके बाद पुलिस राजौरी गार्डन स्थित एमआईजी फ्लैट पहुंची। मौके पर पुलिस को दीपांशु की मां वंदना भारद्वाज, बहन अमिता, राधिका और होने वाला दामाद अभिषेक मिला।
वंदना ने बताया कि 27 नवंबर को उसकी बेटी अमिता की शादी अभिषेक से होने वाली है। उन्होंने बताया कि दीपांशु घर पर था, जबकि अन्य सभी परिजन खरीदारी करने के लिए राजौरी गार्डन गए थे।
पुलिस दरवाजा तोड़कर घर में घुसी
रात में उसके दो भतीजे घर आए तो घर का दरवाजा बाहर से बंद था। दीपांशु के फोन न उठाने पर उन्होंने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद वे घर पहुंचे। पुलिस दरवाजा तोड़कर घर में घुसी।
कमरे में रसोई गैस की बदबू आ रही थी। पुलिस ने गैस चूल्हे को बंद किया। एक कमरे में दीपांशु का शव बिस्तर पर पड़ा था। घर से कोई सामान गायब नहीं हुआ था।
हत्यारे ने घर में फ्रेंडली एंट्री की थी। दीपांशु के साथ भी हाथापाई के निशान भी नहीं मिले। इससे साफ जाहिर था कि किसी परिचित ने ही वारदात को अंजाम दिया। शक होने पर पुलिस ने अभिषेक को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली।