डिप्टी सीएम ने कहा कि भारत को टीबी मुक्त करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2030 की समय सीमा रखी। हमारे प्रधानमंत्री ने इस सीमा को घटाकर 2025 कर दिया।
ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में 1.5 करोड़ रुपये की लागत से बनी अत्याधुनिक संवर्धन एवं दवा संवेदनशीलता परीक्षण टीबी लैब (एडबांस लैब) का शुभारंभ सोमवार को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विधि विधान से पूजा अर्चना करके और फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने जिम्स के निदेशक डॉ. सौरभ श्रीवास्तव से कहा कि वह प्रस्ताव बनाकर भेजें, हम जिम्स को पीजी इंस्टीट्यूट के रूप में विकसित करेंगे।
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इस अवसर पर संस्थान के महर्षि पतंजलि सभागार में उन्होंने कहा कि भारत को टीबी मुक्त करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2030 की समय सीमा रखी। हमारे प्रधानमंत्री ने इस सीमा को घटाकर 2025 कर दिया। टीबी उन्मूलन की दिशा में पूरे देश में अच्छा काम हुआ, उसमें भी यूपी में सबसे अच्छा काम हुआ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल ने इस दिशा में पहल की। टीबी मरीजों को गोद लेने की दिशा में काम हुआ। इसमें टीबी मरीजों को चिह्नित किया गया। पास के अस्पताल में दवा दिलाने की व्यवस्था की गई। दवा छूटे न इसकी व्यवस्था तय की। साथ ही पोषण उपलब्ध कराने का काम किया।