ग्रामीणों की सहभागिता से गांवों में लागू होने वाली पेयजल योजना को गाजियाबाद जोन के नौ जिलों में एक भी आवेदक नहीं मिला।
नौ जिलों के ग्रामीणों ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। जल निगम के जरिए लागू की जाने वाली इस योजना में आवेदनों के लिए अब जिला प्रशासन और ब्लाक स्तर के अधिकारियों की मदद ली जाएगी।
योजना के तहत केंद्र सरकार की मदद से गांवों में पाइप लाइन के जरिए घरों तक पानी पहुंचाना है। सहभागिता पेयजल योजना में गांव के एसएस-एसटी वर्ग के परिवारों को 250 रुपये और सामान्य वर्ग के परिवारों को करीब 500 रुपये ग्राम प्रधान के पास जमा कराने हैं।
पैसा जमा हो जाने पर ग्राम प्रधान की ओर से जल निगम में प्रस्ताव जाएगा और इस प्रस्ताव पर जल निगम पेयजल योजना की डीपीआर तैयार कर शासन के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजेगा।
केंद्र सरकार के फंड से गांवों में पेयजल योजना लागू की जानी है। करीब तीन महीने से लागू हुई इस योजना में अभी तक बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, बागपत, शामली, सहारनपुर, मेरठ समेत नौ जिलों से एक भी आवेदन नहीं मिला है।
जल निगम के चीफ इंजीनियर वाईके जैन ने बताया कि जिला प्रशासन की मदद से योजना का प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। इसमें ब्लाक स्तर से भी सहयोग लिया जाएगा।