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सख्ती: डेंगू जांच के लिए 600 रुपये से ज्यादा लेने पर होगी कार्रवाई

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डेंगू मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या और निजी अस्पतालों और जांच लैब की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अगर दिल्ली में डेंगू की जांच के लिए 600 रुपये से ज्यादा चार्ज किया जाता है तो कार्रवाई होगी। निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को तय बिस्तरों की संख्या से 10 से 20 फीसदी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

रविवार तक दिल्ली सरकार के अस्पतालों में 1000 बिस्तर बढ़ा दिए जाएंगे और इसका इस्तेमाल डेंगू मरीजों के लिए होगा। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि कई जगहों से शिकायत मिल रही थी कि निजी अस्पताल और जांच लैब डेंगू की जांच के लिए मनमानी रकम वसूल रहे हैं।
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टेस्ट की अधिकतम 600 रुपये की राशि तय

इसके बाद सरकार ने एनएस1 एंटीजन और एंटी बॉडी डेंगू टेस्ट के लिए अधिकतम 600 रुपये की राशि तय की है। वहीं, प्लेटलेट्स जांच के लिए कोई भी जांच लैब 50 रुपये से अधिक चार्ज नहीं कर सकता।

यदि मरीजों से इस रकम से ज्यादा वसूल की जाती है तो उस लैब और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस समय दिल्ली में निजी अस्पतालों और निजी लैब में रोज हजारों की संख्या में लोग डेंगू टेस्ट करा रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली के सभी निजी अस्पताल और नर्सिंग होम को निर्देश दिया है कि अस्पताल में वर्तमान में जितने बिस्तर हैं उससे 10 से 20 फीसदी बिस्तरों की संख्या अगले दो माह के लिए बढ़ा लें।
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कानून से डेंगू रोकेगी सरकार

जरनल वार्ड में एक बिस्तर के लिए मरीज से जो वर्तमान में चार्ज लिया जाता है, उसका 50 फीसदी ही नए बिस्तर पर भर्ती होने वाले मरीजों से लिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो दो माह के बाद अवधि बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।

इस संबंध में दिल्ली स्वास्थ्य महानिदेशालय डॉ. एस.के.शर्मा की ओर से आदेश भी जारी कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें मरीज को गंभीर स्थिति में इलाज करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया गया कि बिस्तर नहीं है।

अब गंभीर मरीज आने पर बिना उसको स्टेबल किए किसी दूसरे अस्पताल में रेफर नहीं किया जाए। यदि मरीज को दूसरे अस्पताल में रेफर किया जा रहा है तो यह अस्पताल की जिम्मेदारी है कि वह मरीज को अपने एंबुलेंस में भेजे।
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