राजधानी दिल्ली में एडिज मच्छर स्लो अटैक करने लगा है, जिसकी वजह से अब धीरे धीरे डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। पिछले एक सप्ताह के भीतर दिल्ली में 342 मरीज डेंगू पॉजीटिव पाए गए हैं। जबकि इससे पहले वाले सप्ताह में इनकी संख्या करीब 280 थी।
इसी के साथ ही दिल्ली में 3865 मरीज डेंगू ग्रस्त पाए गए, जिसमें राजधानी के निवासियों की संख्या 1807 है। 30 सितंबर तक के आंकड़ों को लेकर मंगलवार शाम एमसीडी ने रिपोर्ट जारी की, जिसमें चिकनगुनिया और मलेरिया की स्थिति नियंत्रण में बताई गई है। जबकि डेंगू आउट ऑफ कंट्रोल होने लगा है।
डॉक्टरों का मानना है कि इस साल डेंगू का स्लो अटैक देखने को मिल रहा है। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल बताते हैं कि पिछले वर्ष डेंगू और चिकनगुनिया तेजी से फैला था। लेकिन इस बार इसकी मार धीमी है, लेकिन खतरनाक भी।
वहीं, वरिष्ठ डॉक्टर अश्विनी गोयल बताते हैं कि पहले चार दिन के बुखार में अगर लापरवाही बरती जाए तो वह डेंगू का रूप ले लेने लगता है। अभी स्थिति यह देखने को मिल रही है कि मरीजों में चार से पांच दिन बुखार रहने के बाद शरीर पर रैशेज दिखाई देने लगते हैं और रक्त में प्लेटलेट्स भी ऊपर नीचे होने लगती हैं।