‘नोटबंदी के बाद लोगों को रोजाना की दिनचर्या में कुछ तकलीफें तो हुई हैं। उन्हें लाइनों में खड़े होकर पैसे बदलवाने पड़ रहे हैं या फिर पैसे की निकासी करनी पड़ रही है, लेकिन थोड़ा और संयम से अगर काम लिया जाए तो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में उठाया गया यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।’
यह कहना है सिंगापुर में रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड के सीनियर डायरेक्टर समीर कुमार का। समीर ने बताया कि आने वाले छह से 12 महीने का समय देश के ईमानदार और मेहनती लोगों के लिए अनूठा और स्वर्णिम अवसर देने वाला है। जहां उन्हें कारोबार शुरू करने का मौका मिल सकता है।
इसकी कई वजहें हैं। दरअसल, नोटबंदी से होने वाली आर्थिक मंदी से गुणवत्ता वाले कारीगर और बाकी संसाधनों को सस्ते दामों में हासिल किया जा सकता है। यही नहीं सम सामयिक सरकारी सहयोग जैसी योजनाओं के साथ आने वाले बजट में अधिकतर सहूलियतें मिलने की भी संभावना जताई जा रही है।
यही वजह है कि ऐसे अभूतपूर्व मौके का फायदा उठाने के लिए लोगों को कमर कसने की जरूरत है। खास बात यह कि 8 नवंबर से पहले काले धन के माध्यम से कई लोग व्यवसाय को ऊंचा उठाने में लगे हुए थे, लेकिन नोटबंदी के बाद उनका सबसे बड़ा हथियार बेकार साबित हो गया है।
अब उनका पूरा ध्यान अपने सिस्टम से जूझने में लगा हुआ है। ऐसे में आम लोगों के खुद का व्यवसाय शुरू करने का मार्ग सुगम हुआ है। लोगों के पास उनका ईमानदारी का पैसा कभी भी इतना मूल्यवान नहीं हो पाया था जितना आज है, इसलिए लोगों को सोचने की जरूरत है, लोगों से जुड़ने की जरूरत है और अपना काम शुरू करने पर आगे बढ़ना चाहिए।