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बिजली उपभोक्ता 2020 तक भरेंगे सरचार्ज

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दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बुरी खबर है। बिजली वितरण कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए वर्ष-2012 में लगाया गया आठ प्रतिशत का सरचार्ज उपभोक्ताओं से अभी और छह साल तक वसूला जाएगा।
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जब यह सरचार्ज लगाया गया था, तब तय नहीं था कि कितने समय तक यह वसूला जाता रहेगा। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने अब स्पष्ट किया है कि यह सरचार्ज वर्ष 2019-20 तक लिया जाता रहेगा।

बिजली बिल पर सब्सिडी खत्म होने के बाद डीईआरसी के इस फैसले से उपभोक्ताओं को दूसरा बड़ा झटका लगा है।

घाटे के कारण बिजली कंपनियों ने नहीं खत्म ‌किया सरचार्ज

बिजली उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि इस बार टैरिफ की घोषणा होते समय यह सरचार्ज खत्म कर दिया जाएगा, क्योंकि सब्सिडी खत्म होने से उपभोक्ताओं पर दबाव बढ़ गया है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

डीईआरसी का कहना है कि वर्ष-2019-20 तक सरचार्ज लिए जाते रहने से डिस्कॉम्स का 8000 करोड़ का घाटा खत्म हो जाएगा।

उधर तीनों बिजली वितरण कंपनियों ने घाटे से उबरने और बिजली आपूर्ति सुचारु करने के लिए बैंकों से करीब दस हजार करोड़ रुपये के लोन की मांग की है।
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जुलाई तक बढ़ सकते हैं बिजली के रेट!

डिस्कॉम्स ने पब्लिक फाइनेंस कमीशन (पीएफसी), आईडीबीआई, एसबीआई और कुछ अन्य बैंकों से इसके लिए संपर्क किया है।

जब बैंक ने लोन के लिए सिक्योरिटी मांगी तब डीईआरसी ने बैंकों को आश्वस्त किया कि डिस्कॉम्स का रेगुलेटरी एसेट्स हजारों करोड़ में है और बहुत जल्द इसकी भरपाई हो जाएगी।

डीईआरसी ने बैंकों को बताया है कि जुलाई तक बिजली की नई कीमत भी तय की जानी है। दरअसल, 31 मई तक बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस को एनटीपीसी को 700 करोड़ रुपये अदा करना है। यह राशि नहीं देने पर एनटीपीसी उसे बिजली देना बंद कर सकती है।
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