दिल्ली चिड़ियाघर में बाघ द्वारा युवक मकसूद को मारने के मामले में हाईकोर्ट के नोटिस के बावजूद नेशनल जूलॉजिकल पार्क निदेशक, सेंट्रल जू अथारिटी और पुलिस ने जवाब दाखिल नहीं किया। यही नहीं अदालत में उनके वकील पेश तक नहीं हुए। अदालत ने सभी पक्षों को पक्ष रखने के लिए चार सप्ताह का समय प्रदान किया है।
मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी व न्यायमूर्ति आरएस एंडला की खंडपीठ के समक्ष बुधवार को मामले की सुनवाई तय थी लेकिन इन तीनों पक्षों की तरफ से कोई पेश नहीं हुआ।
याची के अधिवक्ता आरके सैनी ने कहा कि ऐसे गंभीर मामले में भी जवाब दाखिल न करना सरासर लापरवाही है। खंडपीठ ने तीनों पक्षों को चार सप्ताह का समय प्रदान कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई अब 17 दिसंबर तय की है।