दक्षिण दिल्ली के अंबेडकर नगर में एक युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त अनूप सिंह (24) के रूप में हुई। पुलिस को कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। परिजनों ने अनूप के मकान मालिक व उसके बेटे पर शक जाहिर कर कुछ गड़बड़ी की आशंका जताई है।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने भी बिना पोस्टमार्टम करवाए शव सौंप दिया। वहीं पुलिस इन आरोपों से इंकार कर रही है। पुलिस का कहना है कि एम्स में कोविड टेस्ट और पोस्टमार्टम कराने के बाद ही शव परिजनों को सौंपा गया। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम ठीक से नहीं किया। परिजनों ने शव का फोटो और वीडियो बनाकर बाद में अंतिम संस्कार कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जांच करवाने की बात कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से यूपी के रायबरेली के गांव ताजुद्दीनपुर निवासी अनूप दिल्ली में अंबेडकर नगर के मदनगीर में किराये पर रहता था। परिवार में मां बिंदु सिंह, बड़ी बहन व जीजा महेंद्र सिंह हैं। अनूप साकेत स्थित एक मॉल में गार्ड था। कुछ दिन से अनूप की ड्यूटी सुबह 5 बजे से चल रही थी। 21 जुलाई की तड़के 4 बजे मां ने अनूप को फोन कर जगाया था। परिजनों ने 7 बजे उसे दोबारा फोन किया। सुबह करीब 9 बजे मकान मालिक ने अनूप को कमरे के बरामदे में पंखे के हुक से घुटनों के बल फांसी पर लटके देखा। उसने मामले की सूचना अनूप के परिजनों और पुलिस को दी।
दिल्ली के करनाल बाईपास पर रहने वाले अनूप के जीजा ने आरोप लगाया कि अनूप का शव बेहद संदिग्ध हालात में बरामद हुआ है। कमरे से बियर की तीन बोतलें भी मिलीं। दरवाजा भी खुला हुआ था। जिस तरह से शव लटका मिला, वह भी संदेह पैदा कर रहा है। पुलिस ने उस दिन शव कब्जे में लेकर एम्स भेज दिया। कोविड टेस्ट करवाने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराने की बात की गई, लेकिन बिना पोस्टमार्टम किए शव थमा दिया। पुलिस से कहा गया तो उन्होंने पोस्टमार्टम होने की बात कही।