लोग घर खाली कर दें
केजरीवाल ने कहा कि निचले क्षेत्र उस्मानपुर, बदरपुर खादर में यमुना के पास वाले इलाकों के लोग घरों को खाली कर दें। इसके अलावा डीएनडी, मयूर विहार, जगतपुर में मेन पुश्ता रोड, सराय काले खां पर भेलोपुर, श्मशान घाट, जैन मंदिर, ग्यासपुर और मिलेनियम डिपो के आसपास बसी झुग्गियों को भी खाली करना चाहिए।
बाढ़ देखने न जाएं लोग
सीएम ने कहा कि यह भी देखने में आ रहा है कि कई लोग बाढ़ देखने जा रहे हैं और सेल्फी व वीडियो ले रहे हैं। इस स्थिति में लोग वहां न जाएं। अगर अचानक जल स्तर बढ़ गया तो जान को खतरा हो सकता है। जिलाधिकारियों को कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर आसपास के स्कूलों को बंद कर उन्हें राहत कैंप में तब्दील कर सकते हैं। अगर शौचालय और नहाने के लिए आसपास धर्मशालाएं और स्कूलों का अधिग्रहण करने की जरूरत पड़ती है, तो ऐसा किया जाए।
रिहायशी इलाकों में यमुना का पानी पहुंचने की संभावना नहीं
केजरीवाल ने कहा कि अभी रिहायशी इलाकों में यमुना का पानी पहुंचने की संभावना नहीं है। अगर ऐसा होगा तो घर खाली कराने सूचना समय से पूर्व दी जाएगी। स्थानीय स्तर पर भी हमारी टीमें मुनादी करके लोगों को सचेत कर रही हैं। यमुना का जलस्तर बढ़ने से कुछ नाले बैक मार सकते हैं। इससे कुछ जगह जलभराव हो सकता है। दिल्ली के छह जिलों में टेंट लगाए गए हैं। कैंप में सभी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। एनडीआरएफ की भी मदद ली जा रही है।
दो-दो किलोमीटर पर तैनात हैं 50 बोट
आतिशी ने बताया कि दिल्ली सरकार ने बाढ़ ग्रस्त इलाकों में लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए 50 बोट का इंतजाम किया है। इन सभी बोट्स को पल्ला से लेकर ओखला बैराज तक दो-दो किलोमीटर की दूरी पर तैनात किया गया है।
एलजी ने किया यमुना का दौरा
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का मुआयना किया। उन्होंने बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की टीम हर हालात से निपटने को तैयार है। उपराज्यपाल ने अपील की कि लोग धैर्य बनाए रखें। डूब क्षेत्र से लोगों को निकाला जा रहा है। बृहस्पतिवार को उपराज्यपाल ने डीडीएमए की बैठक भी बुलाई है।