बैकएंड सिस्टम के एकीकरण का काम हुआ पूरा, बसों के अलावा परिवहन के अन्य साधनों में भी इस्तेमाल हो सकेगा कार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार जल्द ही राजधानी में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना की शुरुआत करने जा रही है। इस कार्ड के जरिये जहां महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी, वहीं यह मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। सरकार का दावा है कि यह पहल न केवल मुफ्त यात्रा को डिजिटल और पारदर्शी बनाएगी, बल्कि महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के नए अवसर भी खोलेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि दिल्ली सरकार महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड शुरू करने जा रही है। अब बेटियां, बहनें और माताएं 12 वर्ष से अधिक उम्र की दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और क्लस्टर बसों में मुफ्त व आरामदायक यात्रा कर सकेंगी। यह कदम महिलाओं को सम्मान और सुविधा देने की दिशा में एक और मील का पत्थर साबित होगा।
सरकार की इस नई पहल के साथ अब तक जारी होने वाली गुलाबी कागजी टिकट प्रणाली समाप्त हो जाएगी। पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड में यात्रियों का नाम और फोटो दर्ज रहेगा। कार्ड धारक इसे रिचार्ज कर मेट्रो या अन्य परिवहन सेवाओं में भी उपयोग कर सकेंगे।
अधिकारियों के मुताबिक, कार्ड रीडिंग मशीनें लगभग सभी डीटीसी और क्लस्टर बसों में लगाई जा चुकी हैं। बैकएंड सिस्टम का एकीकरण (इंटीग्रेशन) पूरा हो चुका है और अगले कुछ दिनों में औपचारिक रूप से योजना लॉन्च का दी जाएगी।
केवल दिल्ली निवासी होंगे पात्र
इस कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को डीटीसी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद पहचान व पते के सत्यापन (केवाईसी) की प्रक्रिया पूरी होने पर बैंक द्वारा कार्ड जारी किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल दिल्ली निवासी ही इस योजना के पात्र होंगे, जबकि अभी तक सभी महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा की अनुमति है। नए नियम से सरकार को सब्सिडी प्रणाली में पारदर्शिता लाने और दुरुपयोग रोकने में मदद मिलेगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम
अभी बस परिचालक कागजी रसीदों के जरिये मुफ्त टिकट जारी करते हैं, जिससे सब्सिडी के वास्तविक आंकड़े निर्धारित करना मुश्किल हो जाता है। स्मार्ट कार्ड व्यवस्था से न केवल डेटा पारदर्शी होगा, बल्कि सरकार को यह भी पता चलेगा कि किन मार्गों पर महिलाओं की यात्रा सबसे अधिक होती है। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह सिर्फ एक यात्रा कार्ड नहीं बल्कि महिलाओं के लिए डिजिटल पहचान का साधन भी होगा। इससे सरकार भविष्य की परिवहन नीतियों को और सटीक बना सकेगी।