दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग ने पश्चिम विहार में इसका निर्माण करा रहा है। इसमें बुजुर्गों की सुविधाओं का विशेष ख्याल रखा गया है। इस होम में रहने वाले बुजुर्गों को निःशुल्क आवास, भोजन, कपड़े, बिस्तर की सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही बुजुर्गों के मनोरंजन के लिए टीवी, रेडियो और किताबें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। बुजुर्गों के लिए होम में एक मनोरंजन केंद्र होगा। इसके अलावा उनके स्वास्थ्य का भी भरपूर ख्याल रखा जाएगा। उनकी देखभाल के लिए डॉक्टर और फिजियोथेरेपी समेत अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।
दिल्ली में चल रहे चार ओल्ड एज होम
दिल्ली में अभी कुल चार ओल्ड एज होम का संचालन समाज कल्याण विभाग कर रहा है। पहला ओल्ड एज होम साउथ-वेस्ट जिला के बिंरापुर में 1974 में निर्मित किया गया था। यहां 52 बेसहारा बुजुर्गों के रहने की क्षमता है। दूसरा उत्तरी दिल्ली स्थित अशोक विहार में ज्योतिबा होम 2019 में शुरू हुआ, जिसमें 36 बुजुर्गों के रहने की क्षमता है। तीसरा डॉ. बीआर अंबेडकर सीनियर सिटीजन होम पूर्वी दिल्ली के कांति नगर में संचालित हो रहा है, जहां 117 लोगों के रहने की व्यवस्था है। जबकि चौथा ताहिरपुर में संचालित हो रहा है, जहां 300 बुजुर्गों को रहने के लिए विश्वस्तरीय सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। कांतिनगर और ताहिरपुर में ओल्ड एज होम की शुरुआत 2022 में की गई थी।
रहने के लिए पात्रता मानदंड
दिल्ली के गरीब, निराश्रित और वृद्ध लोग प्रवेश ले सकते हैं, जिन की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है। जिनके पास भरण-पोषण के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं है या रख-रखाव के लिए कोई सदस्य नहीं है। प्रवेश स्वैच्छिक आधार पर किया जाएगा। इच्छुक व्यक्ति को कुछ दस्तावेज व प्रमाणपत्रों के साथ समाज कल्याण विभाग मुख्यालय में सामाजिक सुरक्षा शाखा के उप निदेशक अथवा अधीक्षक (वरिष्ठ नागरिक निवास) को आवेदन करना होगा। आयु प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र, दिल्ली में निवास का प्रमाण-पत्र या अधिवास प्रमाण पत्र की कॉपी संलग्न करनी होगी। आवेदन प्राप्त होने पर अधीक्षक एवं कल्याण अधिकारी तुरंत पात्रता के मूल्यांकन के लिए प्रक्रिया पूरी करेंगे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आवेदक पात्रता आवश्यकताओं को पूरा करता है या नहीं। सामाजिक जांच रिपोर्ट, कल्याण अधिकारी द्वारा क्षेत्र का दौरा करने के बाद तुरंत अधीक्षक को प्रस्तुत करेंगे। अधीक्षक अपनी टिप्पणियों व सिफारिशों के साथ जांच किए गए आवेदनों को प्रदेश और निर्वहन समिति, जिला समाज कल्याण अधिकारी और अधीक्षक के समक्ष निर्णय लिए रखेगा। इसके बाद आवेदकों को वरिष्ठ नागरिक निवास में रहने के लिए सूचित किया जाएगा।