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Delhi : पीयूसी सर्टिफिकेट है या नहीं... पंप पर पकड़ लेगी ‘तीसरी आंख’, पायलट प्रोजेक्ट कामयाब

Wed, 06 Dec 2023 05:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा धनंजय मिश्रा, नई दिल्ली

सार

चार पेट्रोल पंप के पायलट प्रोजेक्ट की कामयाबी के बाद परिवहन विभाग इसका दायरा बढ़ाने जा रहा है। 
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demo pic... - फोटो : Istock
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विस्तार
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वाहनों में ईंधन भरने के साथ दिल्ली के पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे अब पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) प्रमाणपत्र पर भी नजर रखेंगे।  चार पेट्रोल पंप के पायलट प्रोजेक्ट की कामयाबी के बाद परिवहन विभाग इसका दायरा बढ़ाने जा रहा है। 

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अभी 25 पेट्रोल पंप पर पहले फेज के तहत इन्हें लगाया जाएगा। आगे सभी को इसके दायरे में लाया जाएगा। इसका मकसद पेट्रोल पंप पर पहुंचने वाले वाहनों का पीयूसी स्टेटस पता करना है। प्रदूषण प्रमाण पत्र न होने की सूरत में दस हजार रुपये का ई-चालान वाहन मालिक को भेज दिया जाएगा।

परिवहन विभाग के मुताबिक, पेट्रोल पंप पर लगे कैमरे नंबर प्लेट को स्कैन कर यह पता लगाएंगे कि वाहन का वैध पीयूसी सर्टिफिकेट है या नहीं। वैध सर्टिफिकेट नहीं होने पर वाहन मालिक को ई-चालान भेजा जाता है। इन कैमरों का कमांड परिवहन विभाग के पास है। 
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अधिकारियों ने बताया कि अक्तूबर के आखिर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत मॉडल टाउन, शास्त्री नगर, माल रोड और शाहदरा के पेट्रोल पंप पर कैमरे लगाए गए हैं। करीब एक महीने में इनके जरिये चार हजार चालान किए गए हैं। अब इस योजना का दायरा बढ़ाया जा रहा है। इसमें 25 पेट्रोल पंप पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। इसके बाद धीरे-धीरे दिल्ली के सभी पंप से पीयूसी सर्टिफिकेट की निगरानी रखी जाएगी।

22 लाख वाहनों के पास नहीं है वैध पीयूसी : दिल्ली की सड़कों पर 22 लाख ऐसे वाहन दौड़ रहे हैं, जिनके पास वैध पीयूसी नहीं हैं। इनमें 19 लाख के करीब दोपहिया वाहन हैं। दिल्ली में वर्तमान में 97 लाख चारपहिया और दोपहिया वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 27.8 लाख कारें हैं, जिसमें 8.4 लाख सीएनजी और 2.5 लाख इलेक्ट्रिक कारें शामिल हैं, जबकि 69.8 लाख दो पहिया वाहन पंजीकृत हैं। 

वाहन चालक नहीं दे पाएंगे चकमा
शुरू में इस योजना का पेट्रोल पंप संचालकों ने विरोध किया था, लेकिन बाद में अधिकारियों ने उन्हें समझा लिया। अधिकारियों ने बताया कि कई लोगों में चालान नहीं भरने और वाहन चलाने की प्रवृत्ति होती है। इनमें अधिकतर ऐसे लोग होते हैं जो वाहनों का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर करते हैं और पकड़े जाने से बचे रहते हैं लेकिन पेट्रोल पंपों में विशेष कैमरे लगने के बाद ऐसे लोग चकमा नहीं दे पाऐंगे।

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