दिल्ली में टॉमी, शेरू और ब्रूनो समेत सभी पालतू व लावारिस कुत्तों का मोक्ष द्वार तैयार है। यहां सीएनजी से शव दाह की सुविधा दी गई है। पशु-प्रेमी विधि-विधान से अपने प्रिय डॉगी का अंतिम संस्कार कर सकेंगे। फिर कुत्तों की अस्थियां रखने का लॉकर रूम भी होगा।
एमसीडी द्वारका के सेक्टर-29 में पहले शवदाह स्थल को अगले सप्ताह शुरू करने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि आईजीएल ने यहां गैस पाइप लाइन बिछाई है। इसका ट्रायल भी पूरा कर लिया गया है। शवदाह के लिए यहां दो भट्ठियां हैं। पहली भट्ठी सिर्फ पालतू कुत्तों के लिए है, जबकि दूसरी भट्टी में बिल्ली, बंदर, लावारिस कुत्ते इत्यादि का शवदाह होगा।
अपनी तरह का पहला शवदाह गृह बनाने की योजना पर एमसीडी की दलील है कि अपने देश में आदिकाल से कुत्तों को इंसान के सबसे करीब रहने वाले जानवरों में से एक माना गया है। लोगों का इनसे आत्मीय लगाव होता है। पशु प्रेमी कई बार इनको अपने बच्चे की तरह पालते हैं। इसी भाव को ध्यान में रखते हुए पालतू कुत्तों के लिए ये कदम उठाया गया है। यहां सीएनजी से जानवरों का शवदाह किया जाएगा, इसलिए इसे पर्यावरण के अनुकूल माना जा रहा है। आधे घंटे में एक छोटे जानवर का शवदाह हो जाएगा।
अस्थियां रखने के लिए लॉकर रूम
शवदाह परिसर में पालतू कुत्तों की अस्थियों को रखने के लिए लॉकर रूम भी मिलेगा। जो लोग अपने पालतू कुत्ते की अस्थियों का विसर्जन करना चाहेंगे, वे यहां से अस्थियां ले जा सकेंगे। एमसीडी के अधिकारियों ने बताया कि इसी हफ्ते मेयर डॉ शैली ओबरॉय इस परिसर का दौरा करेंगी। इसके बाद अगले हफ्ते तक इसके खोलने की तैयारी की गई है।
बेसहारा का मुफ्त में होगा शवदाह पालतू के लिए लगेगी फीस
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने यहां गैस पाइप लाइन लगाई है। करीब 700 वर्ग मीटर में फैले इस श्मशान परिसर के भीतर कुत्तों के लिए नसबंदी केंद्र भी है। बेसहारा जानवरों का फ्री में शवदाह किया जाएगा। पालतू जानवरों के लिए फीस रखी गई है। 30 किलोग्राम से कम वजन के जानवरों के शवदाह के लिए 2000 रुपये, जबकि 30 किलोग्राम से अधिक वजन के जानवर के शवदाह के लिए 3000 हजार रुपये फीस तय की गई है।
कई नगर निगमों को पसंद आया
द्वारका में कुत्तों का शवदाह स्थल तैयार करने वाली एजेंसी ने जानकारी दी है कि ये अपनी तरह का देश का पहला शवदाह केंद्र बना है। ये आइडिया देश के कई नगर निगमों को पसंद आया है। मुंबई, पुणे, बेंगलुरू, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, लखनऊ, नागपुर और पटना में भी इस तरह के शवदाह परिसर बनाए जाने की योजना है। कई शहरों में इनका निर्माण हाल ही में शुरू हुआ है और कई जगहों पर निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है।