एक पिस्टल, दो कारतूस व मोबाइल फोन बरामद, आरोपी के पाकिस्तान के लोगों से मिले संपर्क, पूछताछ जारी। फेसबुक पर बनाया हुआ था पेज, वहां हथियारों की फोटो और वीडियो बनाकर करता था पोस्ट, बाद में होता था सौदा।
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने सोशल मीडिया पर हथियार बेचने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जोधपुर, राजस्थान निवसी हितेश सिंह उर्फ लंगड़ा (38) के रूप में हुई है। हितेश के देश विरोधी लोगों के अलावा पाकिस्तान में बैठे भारत विरोधी लोगों से संपर्क मिले हैं। आरोपी को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि 'लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप' के नाम सोशल मीडिया पर पेज बनाकर खुलेआम हथियार बेचे जा रहे हैं। उसकी जांच करते हुए साइबर सेल की टीम हितेश के पेज पर भी पहुंची और उसे जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से एक पिस्टल, दो कारतूस व मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। उसके फोन से विदेशी दुश्मनों से बातचीत के सबूत मिले हैं, उसी के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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साइबर क्राइम के पुलिस उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि पिछले दिनों उनकी टीम को सूचना मिली थी कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ बदमाश खुलेआम हथियार बेच रहे हैं। खासकर जितेंद्र गोगी की हत्या के बाद पुलिस ने जब सोशल मीडिया पर नजर रखना शुरू की तो पता चला कि फेसबुक समेत दूसरी सोशल मीडिया पर खुलेआम गोरखधंधा चल रहा है। इसमें गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप के नाम से पेज का पता चला। उसकी फ्रेंडलिस्ट के जरिये पुलिस आरोपी हितेश के अलग पेज पर पहुंची।
वहां हितेश ने हथियारों की फोटो के अलावा उनकी वीडियो भी डाली हुई थी। पुलिस टेक्नीकल और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से आरोपी का पता किया। इसके बाद नकली ग्राहक बनकर उससे एक हथियार का सौदा किया गया। आरोपी ने इसके बदले देने वाले हथियार की वीडियो भी शेयर की। पुलिस की टीम ने दिए गए बैंक खाते में एडवांस के तौर पर रकम भी डाल दी। बाकी रकम हथियार की डिलीवरी के समय देने की बात हुई। आरोपी को दबोचने के लिए इंस्पेक्टर प्रवीन, एसआई सुनील व अन्यों की टीम को लगाया गया।
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टीम हरियाणा के मानेसर पहुंची। वहां हितेश बाकी पेमेंट लेने पहुंचा तो उसे दबोच लिया गया। उसके पास से मिले मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। उससे पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे। वह लगातार पाकिस्तान में बैठे लोगों के संपर्क में था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वर्ष 2010 में उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा था। वह जेल गया तो वहां उसकी मुलाकात कुख्यात डकैत धान सिंह पिप्रोली उर्फ ठाकुर धानु प्रताप सिंह राठौर से हुई। हितेश ने उसे अपना गुरु बना लिया। हितेश जेल से बाहर आया तो धान सिंह ने उसे प्राइवेट बस ऑपरेटर शैतान सिंह की हत्या की सुपारी दी। लेकिन हितेश के हमले में शैतान बच गया। लगातार हितेश आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा। उसके खिलाफ 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं।