मयूर विहार, पटपड़गंज, लक्ष्मी नगर, शाहदरा और दिलशाद गार्डन समेत दर्जनों कॉलोनियों में पानी का प्रेशर बेहद धीमा हो गया है जबकि कई इलाकों में घरों के नल पूरी तरह सूखे पड़े हैं।
गंग नहर की वार्षिक सफाई और मेंटेनेंस का काम शुरू होने के बाद से पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में पीने के पानी का संकट गहरा गया है। नहर में पानी का प्रवाह नियंत्रित होने से भागीरथी और सोनिया विहार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को मिलने वाले कच्चे पानी की मात्रा में भारी गिरावट आई है। इसके चलते मयूर विहार, पटपड़गंज, लक्ष्मी नगर, शाहदरा और दिलशाद गार्डन समेत दर्जनों कॉलोनियों में पानी का प्रेशर बेहद धीमा हो गया है जबकि कई इलाकों में घरों के नल पूरी तरह सूखे पड़े हैं।
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पूर्वी दिल्ली की जलापूर्ति पूरी तरह उत्तर प्रदेश के मुरादनगर स्थित गंग नहर पर निर्भर है। यहां से कच्चा पानी पाइपलाइनों के जरिए ट्रीटमेंट प्लांटों तक पहुंचता है जहां शोधन के बाद इसे भूमिगत जलाशयों और बूस्टर पंपों के माध्यम से कॉलोनियों की पाइपलाइनों में भेजा जाता है। लेकिन नहर बंद होने के कारण इस पूरी चेन पर असर पड़ा है और अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
स्थानीय नागरिकों को सुबह-शाम पानी के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि दिल्ली जल बोर्ड द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से जलापूर्ति के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन मांग अधिक होने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। जल बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि नहर की सफाई का कार्य पूरा होते ही सप्लाई सामान्य हो जाएगी। तब तक प्रशासन ने लोगों से पानी का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने की अपील की है।