दिल्ली में सत्ता के लिए छिड़े घमासान और 'आप' नेता कुमार विश्वास के आरोपों के बाद अब राजधानी का सियासी तापमान एक बार फिर बढ़ने लगा है।
राजनीतिक दलों से लेकर सोशल मीडिया तक दिल्ली में सरकार बनाने का मुद्दा ही छाया है। दिल्ली में चुनाव कराने की मांग को लेकर आदमी पार्टी की ओर से अभियान चलाया जा रहा है तो वहीं, दूसरी ओर भाजपा की सरकार बनने की सुगबुगाहट भी तेज हो गई है।
भाजपा की सरकार बनने की संभावना से आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगने का डर है। क्योंकि बीच-बीच में ऐसी बातें सामने आती रही हैं कि आम आदमी पार्टी के कई विधायक भाजपा में शामिल होने की कोशिश में हैं।
कुमार विश्वास की ओर से किए गए दावे में भी इस बात का जिक्र है कि पार्टी के 12 विधायक दोबारा चुनाव कराने के पक्ष में नहीं हैं और अब भाजपा का साथ दे सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया में लंबी बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोग अरविंद केजरीवाल का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ ने सीधे तौर पर उनके खिलाफ टिप्पणी की है।
ट्विटर पर टॉप ट्रेंड'दिल्ली वांट इलेक्शन'
सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर दिल्ली के राजनीतिक संकट और पार्टियों के बीच हो रही उठापटक का जमकर मजाक भी उड़ाया जा रहा है। #DelhiWantElection हैशटैग के साथ लोगों ने दिल्ली के मसले पर अपनी राय दी है।
कुछ लोग दिल्ली में दोबारा चुनाव और अरविंद केजरीवाल की सरकार लाने की वकालत कर रहे हैं तो कुछ लोगों ने केजरीवाल को 'भगोड़ा' बताते हुए राजनीति से दूर रहने की सलाह दी है।
कुछ लोगों का आरोप है कि आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल अपनी ब्रांडिंग के लिए #DelhiWantElection ट्रेंड का इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले केजरीवाल ने दिल्ली और देश की जनता के बीच अपनी छवि को खराब किया है, अब वही काम कुमार विश्वास कर रहे हैं।
लोगों ने कुमार विश्वास पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कितने आश्चर्य की बात है कि दिल्ली से पहली बार चुनाव लड़कर जीतने वाले भाजपा सांसद ने एक हारे हुए सांसद प्रत्याशी को मुख्यमंत्री बनने का ऑफर दिया है।
बोले कुमार विश्वास, "...तो छोड़ दूंगा AAP'
'आप' ने कुमार विश्वास ने भाजपा की ओर से सीएम बनने का ऑफर मिलने के दावे के साथ एक और बड़ी बात कह दी है। मीडिया से बातचीत में कुमार ने कहा कि जब तक उनके मन मुताबिक आम आदमी पार्टी चल रही है तभी तक वह उसके साथ हैं।
कहा कि अगर आम आदमी पार्टी आंदोलन के रास्ते से जरा भी हटती है तो वह पार्टी छोड़ने में जरा भी देर नहीं करेंगे। कुमार विश्वास ने एएनआई से बातचीत में इस बात कि जिक्र किया है।
"मेरे दर से खाली लौटे राजनीति के उड़न-खटोले
धरती पर इतना धन कब है, जो मेरी खुद्दारी तौले"…(हरिओम पँवार)
सुबह से... http://t.co/xDvOAGa6ck— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) August 30, 2014
उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से ऑफर मिलने के तुरंत बाद ही मैंने इसे ठुकरा दिया। मैंने अपने सांसद मित्र को जीत और सत्ता में आने की बधाई दी, लेकिन खुद सत्ता की चाह नहीं की। कुमार ने कहा कि भाजपा आम आदमी पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है।