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दिल्ली: राजनीतिक गलियारे में सामने आई एक नई कहानी

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दिल्ली में सरकार बनेगी या विधानसभा भंग होगी? यह सब कुछ भाजपा हाईकमान के संकेत और उपराज्यपाल की कलम पर निर्भर करेगा। लेकिन शुक्रवार को दिल्ली के राजनीतिक गलियारे में एक नई कहानी सामने आई।
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संविधान विशेषज्ञों ने कहा है कि संविधान की धारा 175 में प्रावधान है कि राज्यों के राज्यपाल विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर संदेश दे सकते हैं। वहीं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र अधिनियम की धारा 9 में सदन को संदेश भेजने का अधिकार उपराज्यपाल के पास है।

संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप ने कहा है कि उपराज्यपाल के विवेक पर निर्भर है कि वह भंग विधानसभा को फिर से कायम करने और विशेष सत्र बुलाए जाने की सिफारिश राष्ट्रपति को भेज सकते हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र अधिनियम की धारा 9 में प्रावधान है कि विशेष सत्र बुलाकर उपराज्यपाल कोई भी संदेश दे सकते हैं।
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...तो भाजपा को सता रहा है ये डर

दिल्ली विधानसभा के पूर्व सचिव एसके शर्मा कहते हैं कि राज्यपाल या उपराज्यपाल इस तरह से विशेष सत्र बुलाकर यह संदेश दे सकते हैं कि इनमें से किसी को मुख्यमंत्री के रूप में चुन लें। एक बार ऐसा यूपी विधानसभा में हो चुका है। फिर इस तरह से मुख्यमंत्री चुनने के लिए होने वाली वोटिंग पर कोई व्हिप या दलबदल कानून लागू नहीं होगा। एक बार मुख्यमंत्री चुने जाने पर छह महीने तक अविश्वास प्रस्ताव नहीं आ सकता।

राजनीति से जुड़े विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे में जोड़तोड़ की संभावना बढ़ जाएगी। गुप्त मतदान होता है तो किसी पार्टी पर यह तोहमत भी नहीं आएगी कि समर्थन क्यों दिया। फिर इस तरह चुने जाने वाले मुख्यमंत्री की कैबिनेट भी मिक्स हो सकती है। संभावना इस बात की है कि भाजपा इस तरह के जोड़तोड़ से सरकार बनाए।

कांग्रेस नेता इसे अनैतिक मान रहे हैं। उनका कहना है कि नंबर पूरे नहीं हैं फिर भी चुनाव कराने से भाग रहे हैं। वहीं कुछ नेताओं का कहना है कि सभी पार्टी के विधायक चुनाव चाहते हैं, तो कुछ ने कहा कि शीला दीक्षित के लौटने पर चुनाव में नुकसान का डर भी भाजपा को सता रहा है।
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ऐसे ही बनी थी यूपी में कल्याण सिंह की सरकार

दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। इसके कारण प्रदेश भाजपा में गहमागहमी बढ़ गई है। शुक्रवार सुबह से शाम तक प्रदेश कार्यालय में नेताओं का आना जाना जारी रहा।

विधायकों की भी एक बैठक हुई। जहां दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर चर्चा हुई। हालांकि अभी भी प्रदेश के नेता कुछ कहने की स्थिति में नहीं है कि सरकार बनेगी या नहीं।

कई नेताओं का कहना था कि उत्तर प्रदेश में एक बार राज्यपाल के विशेष पहल पर कल्याण सिंह की सरकार बनी थी। अल्पमत होने के बावजूद खरीद-फरोख्त कर सरकार बनाने का आरोप भी नहीं लगा था। क्योंकि सीक्रेट वोटिंग कराकर तत्कालीन राज्यपाल ने सरकार बनाई थी।

भाजपा सूत्रों का कहना फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्रा पर गए हैं। उनके आने के बाद सरकार बनेगी या नहीं इस पर फैसला लिया जाएगा। सूत्रों का यह भी कहना है कि नौ सितंबर तक फैसला ले लिया जाएगा, क्योंकि इस दिन सुप्रीम कोर्ट को भी जवाब देना है।

भाजपा विधायक नंद किशोर गर्ग का कहना है कि दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों की जनता ने भाजपा पर भरोसा किया है। भाजपा के 100 दिनों के काम से लोग खुश हैं। हाल ही में हुए सभी सर्वे में भी दिल्ली में भाजपा को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है। ऐसे में अगर दिल्ली के उपराज्यपाल सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते है तो पार्टी विचार करेगी। भाजपा चुनाव में जाने के लिए भी तैयार है।
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