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दिल्ली हिंसाः आरोपी पार्षद ताहिर हुसैन की लाइसेंसी पिस्तौल की जब्त, फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा

Sat, 07 Mar 2020 03:44 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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ताहिर हुसैन (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से ताहिर हुसैन की गिरफ्तारी मामले में एक बड़ी खबर आई है। बताया जा रहा है कि आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन की लाइसेंसी पिस्तौल और कई कारतूस पुलिस ने जब्त कर लिए हैं।

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पिस्तौल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया, जिससे पता चल सके कि इस पिस्टल से फायर हुआ था या नहीं। साथ ही ताहिर का मोबाइल भी बरामद किया गया है।

पार्षद ताहिर है सात दिन की पुलिस रिमांड पर
कड़कड़डूमा कोर्ट ने उत्तर पूर्वी जिले में हुई हिंसा के आरोप में गिरफ्तार आप के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को शुक्रवार को 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। कोर्ट के समक्ष ताहिर ने खुद को बेकसूर बताया।

ड्यूटी एमएम राकेश के समक्ष अपराध शाखा ने ताहिर हुसैन को पेश किया। पुलिस ने कहा कि ताहिर हुसैन पर आईबी के स्टाफर अंकित शर्मा की हत्या करने का आरोप है। ताहिर के घर की छत से भारी संख्या में पेट्रोल बम भी बरामद हुए।
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यहां से इन पेट्रोल बम को फेंकने के लिए सुनियोजित तरीके से बनाई गई लोहे की गुलेल भी मिली। एक वीडियो में ताहिर खुद भी हिंसा फैलाता दिखा। घटना के बाद से ही ताहिर पुलिस से बचकर भाग रहा था। इलाके में हिंसा के दौरान उसकी अहम भूमिका दिखी, चूंकि वह इलाके का पार्षद रहा है और लोगों में उसका प्रभाव है।

मामले की जांच के लिए ताहिर से पूछताछ की जरूरत है। इसलिए उसे रिमांड पर भेजा जाए, ताकि पता लगाया जा सके कि उसने किस तरह लोगों को भड़काया और दूसरे लोगों की जान को खतरे में डाला।

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'भाजपा ने मुझे साजिश के तहत फंसाया है'

इस दौरान, अदालत के समक्ष ताहिर ने खुद को बेकसूर बताया। उसने सभी आरोपों को खारिज किया और कहा कि मुझे फंसाया जा रहा है। उपद्रवियों ने मेरे मकान का गलत इस्तेमाल किया है।

ताहिर ने कहा कि मैं किसी भी प्रकार की जांच के लिए तैयार हूं। भाजपा ने मुझे साजिश के तहत फंसाया है। मैंने अपने घर से डंडे से उपद्रवियों को भगाने की कोशिश की थी। मैं नारको टेस्ट के लिए भी तैयार हूं। पुलिस ने मुझे खुद मेरे घर से रेस्क्यू किया था।

पुलिस ने ताहिर के दोनों मोबाइल नंबरों की 24 तारीख को 12 बजे तक की कॉल डिटेल खंगाली। इसके मुताबिक, ताहिर हुसैन 24 फरवरी की रात 12 बजे के आसपास तक चांद बाग के उसी घर में मौजूद था, जहां से हिंसा फैलाने में प्रयोग की गई सामग्री बरामद हुई।

पुलिस ने यह भी बताया कि जांच में यह बात भी सामने आई कि ताहिर ने 24 तारीख को (हिंसा के दिन) दिनभर में करीब 150 कॉल किए थे। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये कॉल उसने किसे किए थे।
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