मीटिंग के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अपनी गाड़ी से सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, यमुना विहार जैसे हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया। आपको बता दें कि पिछले तीन दिनों से उत्तर पूर्वी दिल्ली में जारी हिंसा में अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें एक हेड कांस्टेबल भी शामिल है।
दिल्ली पुलिस ने कहा, जवानों की कमी के कारण बढ़ी हिंसा
दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय गृहमंत्रालय को बताया कि पर्याप्त बल न होने के कारण हिंसा पर तत्काल काबू नहीं पाया जा सका। पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने मंगलवार को मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक में कहा, उत्तर पूर्वी दिल्ली में सोमवार को हुई हिंसा पर जवानों की कमी के चलते तुरंत काबू नहीं पाया जा सका। इसके कारण हालात ज्यादा बिगड़ गए।
इसके साथ ही पटनायक ने कहा कि हिंसा ग्रस्त इलाकों में पुलिस की सशस्त्र बटालियन (एक हजार जवानों) को तैनात किया गया है। हालांकि देर शाम पटनायक ने पुलिस बल की कमी की बात को नकारते हुए कहा कि हमारे पास पर्याप्त पुलिस बल है। वहीं, दिल्ली पुलिस के पीआरओ एमएस रंधावा ने भी जवानों की कमी की बात को नकारा। रंधावा ने कहा, मंत्रालय के समक्ष ऐसी कोई बात नहीं की गई। हमारे पास तैनात करने को अतिरिक्त बल भी है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पुलिस को अर्द्धसैनिक बलों की अतिरिक्त 35 कंपनियां मुहैया कराई गई हैं, इनमें से 20 कंपनियों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के मद्देनजर पिछले तीन दिनों में दिल्ली की सुरक्षा में तैनात किया गया है। हिंसा ग्रस्त इलाकों में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) को भी तैनात किया गया है।
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