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दिल्ली हिंसा: हाईकोर्ट में आधी रात सुनवाई, घायलों को बड़े अस्पताल में भर्ती कराने का आदेश

Wed, 26 Feb 2020 08:31 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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दिल्ली में हिंसा - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने आधी रात को सुनवाई कर पुलिस को, संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर पूर्वोत्तर दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा में घायल हुए लोगों को सुरक्षित निकाल कर सरकारी अस्पतालों में ले जाने और उनका तत्काल उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
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न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर के आवास पर मंगलवार देर रात साढ़े 12 बजे यह विशेष सुनवाई शुरू हुई। न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर को एक वकील ने घायलों को छोटे अस्पतालों से जीटीबी अस्पताल ना ले जा पाने की विकट परिस्थितियों के बारे में बताया था, जिसके बाद देर रात को यह सुनवाई हुई।

न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति अनूप जे. भंभानी की पीठ ने पुलिस को इस व्यवस्था के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल करने का आदेश दिया। साथ ही पीठ ने यह भी व्यवस्था दी कि अगर उसके आदेश के बावजूद, घायलों का दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में तत्काल इलाज ना हो सके तो उन्हें लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल या मौलाना आजाद या किसी अन्य अस्पताल ले जाया जाए।
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पीठ ने अनुपालन की स्थिति रिपोर्ट भी मांगी है, जिसमें घायलों और उन्हें दिए गए उपचार के बारे में जानकारी हो। मामले पर आगे की सुनवाई आज दो बजकर 15 मिनट पर होगी।

व्यवस्था देते हुए पीठ ने कहा कि जीटीबी और एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षकों को भी इस आदेश की जानकारी दी जाए। वकील सुरूर मंडेर ने न्यायधीश से सम्पर्क कर घायलों के लिए एम्बुलेंस का सुरक्षित निकास सुनिश्चित करने का आदेश देने की अपील की थी। दिल्ली पुलिस और सरकार का पक्ष यहां अतिरिक्त स्थायी वकील संजय घोष ने रखा।

सुनवाई के दौरान न्यू मुस्तफाबाद स्थित अल-हिंद अस्पताल के डॉक्टर अनवर से फोन पर बात की गई, जिन्होंने अदालत को बताया कि दो शव और 22 घायल वहां हैं और वह मंगलवार शाम चार बजे से पुलिस की मदद पाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है। अदालत ने फिर वरिष्ठ अधिकारियों से तुरंत अस्पताल जाने और घायलों को तत्काल प्रभाव से नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाने का काम शुरू करने का ओदश दिया।

उसने इस आदेश की जानकारी दिल्ली पुलिस आयुक्त को भी देने का निर्देश दिया।





 

कई इलाकों में हालात बेकाबू हो गए, जिसके बाद पुलिस ने उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया। हिंसा में अब तक 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 186 लोग घायल हैं। गृह मंत्रालय ने कानून व्यवस्था का जिम्मा सीआरपीएफ के डीजी ट्रेनिंग एसएन श्रीवास्तव को सौंप दिया है। उन्हें दिल्ली में विशेष पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) बनाया गया है। वहीं, गाजियाबाद से लगी सीमा सील कर दी गई है।

सबसे ज्यादा हिंसा मौजपुर और कर्दमपुरी में हुई। यहां सीएए के विरोधी और समर्थक खुलेआम फायरिंग करते रहे। पुलिस के मुताबिक, दोनों ओर से एक हजार से ज्यादा गोलियां चलीं। पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए लगातार आंसू गैस के गोले दागे। 

दोपहर तक मौजपुर और कर्दमपुरी, सुदामापुरी में रुक-रुककर फायरिंग हुई। करावल नगर मेन रोड पर उपद्रवियों ने दुकानों व मकानों में आग लगाई और लूटपाट की। यही हाल मौजपुर, नूरे इलाही में भी रहा। लोगों ने एक-दूसरे के समुदायों की दुकानों को निशाना बनाकर आग के हवाले किया। 

घोंडा चौक पर एक मिनी बस सहित कई ई-रिक्शा, बाइक व अन्य वाहनों को जला दिया गया। उपद्रवियों ने उत्तर पूर्वी जिले में 100 से अधिक दुकानों में लूटपाट और आगजनी की। देर शाम, चांद बाग और भजनपुरा में कई दुकानों में आग लगा दी। 

दिल्ली पुलिस के पीआरओ एमएस रंधावा ने कहा, घायलों में दो आईपीएस समेत 56 पुलिसकर्मी भी हैं। पुलिस ने अब तक 11 एफआईआर दर्ज की हैं। उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई होगी। इस बीच, गुरु तेग बहादुर अस्पताल ने 17 लोगों की मौत की पुष्टि की है।

नहीं जाने दी एंबुलेंस, बाइक वैन से ले जाए गए घायल
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में उपद्रवियों ने एंबुलेंस को नहीं जाने दिया। पुलिस ने हिंसक झड़पों में घायल लोगों को बाइकों और वैन में लादकर किसी तरह से अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस और अन्य वाहनों को हिंसा प्रभावित इलाकों में जाने से रोकना शुरू कर दिया। 

खजूरी खास चौक पर दो गुटों के बीच पथराव चल रहा था। यहां उपद्रवियों को तितर-बितर करने के दौरान कांस्टेबल अमित कुमार बुरी तरह से जख्मी हो गए। उनके दाहिने हाथ पर गंभीर चोटें हैं। गंभीर हालत में उन्हें बाइक पर लादकर पास के जगप्रवेश चंद्र अस्पताल ले जाया गया। 
 
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अमित कुमार ने बताया कि पीछे से उनके हाथ पर अचानक हमला हुआ। उनके हांथ से जो टकराया, वह पत्थर था या कुछ और, वह समझ नहीं पाए।
दूसरी ओर, खुरेजी खास इलाके में ही झड़प के दौरान गंभीर घायल कैफ (32) को पुलिस ने एक वैन से ले जाकर अस्पताल में भर्ती कराया। 

कैफ अपना ऑटो रिक्शा पार्क कर रहा था, तभी 25-30 लोगों की भीड़ ने उस पर पथराव किया। कैफ के चेहरे और सिर के बायीं ओर गहरी चोट है। उधर, गोली से घायल एक अन्य व्यक्ति को दो लोगों ने बाइक से गुरु तेग बहादुर अस्पताल पहुंचाया।
 
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