फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली हिंसा: अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पांच और आरोपी गिरफ्तार

Sat, 14 Mar 2020 04:44 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
अंकित शर्मा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा के दौरान खुफिया विभाग के अधिकारी अंकित शर्मा की निर्मम हत्या के मामले में शनिवार को पांच और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा उत्तर पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़काने के आरोप में अदालत ने आज सुमित, अंकित और प्रिंस को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा है।

विज्ञापन


इससे पहले भी इस मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और सलमान समेत उनके कई साथियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शुक्रवार को कड़कड़डूमा कोर्ट ने हसीन उर्फ सलमान को चार दिन के रिमांड पर अपराध शाखा को सौंप दिया था। वहीं कोर्ट ने ताहिर को तीन दिन के रिमांड पर भेजा है, जबकि उसके भाई शाह आलम व आबिद, राशिद और शादाब को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

गौरतलब है कि पुलिस ने 26 फरवरी को चांद बाग इलाके के नाले से अंकित शर्मा का शव बरामद किया था। उनके पिता रविंद्र कुमार ने ताहिर हुसैन पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया था। 
विज्ञापन


पूछताछ में सलमान ने अंकित शर्मा की हत्या को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया था। उसने बताया कि आईबी कर्मी अंकित शर्मा को मारने से पहले उनके सभी कपड़े उतारे गए थे। इसके बाद उन्हें चाकू से गोदा गया। आरोपी करीब आधे घंटे तक अंकित शर्मा को चाकू से गोदते रहे और लाठी-डंडों से वार करते रहे थे। बाद में उनके शव को नाले में फेंक दिया गया था।

विज्ञापन

क्या कहते हैं अंकित के परिवार वाले

दिल्ली हिंसा के दौरान दंगाईयों के पागलपन का शिकार हुए अंकित के परिवार में बड़े भाई अंकुर शर्मा, बहन सोनम, आईबी में ही कार्यरत पिता रविंद्र शर्मा और गृहिणी मां सुधा हैं। अंकित अविवाहित थे। उनके छोटे भाई अंकुर भी अविवाहित हैं और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। बहन सोनम बीएड कर रही हैं। 

परिवार मूल रूप से मुजफ्फरनगर के इटावा गांव का रहने वाला है। वर्तमान में अंकित करावल नगर के ई-ब्लॉक की गली नंबर छह में परिवार समेत रह रहे थे। घटना वाले दिन शाम को वह ड्यूटी से घर लौट रहे थे। इलाके में उपद्रव करती भीड़ देखकर वे दंगाइयों को समझाने लगे।

परिवार वालों ने बताया कि इसी बीच दंगाइयों ने पत्थरबाजी करते हुए अंकित व उनके साथ तीन अन्य लोगों को भी भीड़ में खींच लिया। उनके मुताबिक,  स्थानीय आप नेता की बिल्डिंग में ले जाकर पीट-पीटकर अंकित की हत्या कर दी गई। परिजनों का कहना है कि अंकित के घर न लौटने के बाद उन्होंने आसपास के लोगों से पूछा तो वारदात की जानकारी मिली।

इसके बाद परिवार ने दयालपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय घायलों और मृतकों की बीच से पहचान के लिए उन्हें जीटीबी अस्पताल भेज दिया था। वहां अंकित के न मिलने पर परिजनों ने सुबह चांद बाग के नाले में छानबीन की तो अंकित का शव
मिला था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें