70 वर्ष की आयु के आसपास के मोहम्मद सबीर ने कहा, ‘‘मेरा मदीना मस्जिद के पास शिव विहार में भी एक मकान है। मेरे दो बच्चे वहां रहते हैं, दो यहां विजय पार्क में मेरे साथ रहते हैं। इलाके में हिंसा के कारण मेरा उनसे संपर्क नहीं हो सका और गत रात से उनसे कोई संपर्क नहीं है।’’
उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘उन्होंने कल मुझे घर को भीड़ द्वारा घेरे जाने के बारे में बताया था और वे भाग निकले लेकिन मुझे मालूम नहीं है कि अब वे कहां हैं। इलाके में स्थिति तनावपूर्ण है और पुलिस से मेरी अपील है कि कृपया हमारी मदद कीजिए।’’
मौजपुर, जाफराबाद, चांदबाग, घोंडा समेत उत्तरपूर्वी दिल्ली के आवासीय इलाकों में सोमवार से हो रही हिंसा में कम से कम 34 लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक घायल हो गए हैं।
दंगाग्रस्त इलाकों में सड़कों पर बड़ी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैन्य बल के कर्मी मौजूद है जिससे बुधवार को कुछ हिस्सों में अजीब से खामोशी छाई रही लेकिन लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि हिंसा में अभी तक 18 प्राथमिकियां दर्ज की गई है और 106 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।