त्योहारी सीजन की शुरुआत होने से पहले दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(डीडीएमए) ने कोरोना संबंधित दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत छठ पूजा पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी घर में ही मनाने की सलाह दी गई है। वहीं, रामलीला मंचन और दुर्गा पूजन आयोजकों को प्रतिदिन आयोजन की वीडियाग्राफी कर नोडल अधिकारी को सौंपनी होगी। इसके लिए जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की ओर से प्रत्येक आयोजन स्थल के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे।
घाटों और खुले स्थान पर छठ पूजा का पर्व मनाने की अनुमति नहीं
एक दिन पहले ही उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में हुई डीडीएमए की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। इसे लेकर बृहस्पतिवार को डीडीएमए ने आधिकारिक रूप से दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। डीडीएमए के आदेश के अनुसार, घाटों और खुले स्थान पर छठ पूजा का पर्व मनाने की अनुमति नहीं है। कोरोना से बचाव के तहत श्रद्धालु केवल घर में ही छठ पूजा मना सकते हैं। आदेश में कहा गया है कि रामलीला व दुर्गा पूजन के आयोजन से पहले आयोजकों को सबसे पहले जिला प्रशासन की ओर से अनुमति लेनी होगी। इसके बाद अन्य एजेंसियों से अनुमति ली जाएगी। वहीं, कंटेनमेंट जोन में आयोजन के लिए अनुमति नहीं होगी।
नोडल अधिकारी कराएंगे कोरोना नियमों का पालन
डीडीएमए ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक आयोजन स्थल के लिए जिलाधिकारी व पुलिस उपायुक्त एक-एक नोडल अधिकारी को नियुक्त करेंगे। आयोजन स्थल पर कोरोना नियमों के तहत मानक संचालन प्रक्रिया(एसओपी) पालन कराने की जिम्मेदारी नोडल अधिकारियों की रहेगी। वहीं, आयोजकों को प्रतिदिन कोरोना नियमों के पालन को लेकर आयोजन की रिकॉर्डिंग एक प्रमाण पत्र के साथ कार्यक्रम खत्म होने के तीन घंटे के भीतर नोडल अधिकारियों को सौंपनी होगी। नियमों में अनदेखी व लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसओपी प्रमाण पत्र को जिलाधिकारी व पुलिस उपायुक्त द्वारा हस्ताक्षर कर मुख्य सचिव के पास भेजा जाएगा।
आयोजन स्थल पर नहीं लगेगा मेला, खड़े होकर नहीं देख सकेंगे रामलीला व दूर्गा पूजन
आयोजन स्थलों को लेकर डीडीएमए ने दिशा निर्देश जारी कर केवल सीटों की ही अनुमति दी है। इसके अलावा खड़े होने या जमीन पर बैठने की भी अनुमति नहीं होगी। वहीं, रामलीला और दुर्गा पूजन स्थल पर किसी भी प्रकार के खाने-पीने के स्टॉल, झूले व मेला आदि की अनुमति नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति को मास्क अनिवार्य रूप से लगाना होगा।
बंद आयोजन स्थल पर केवल 50 फीसदी ही सीटों की संख्या निर्धारित की गई है। वहीं, खुले स्थान के लिए संबंधित जिला प्रशासन कोरोना नियमों के तहत शारीरिक दूरी के पालन के साथ सीटें निर्धारित करेगा। साथ ही प्रत्येक आयोजन स्थल पर प्रवेश व निकासी के लिए अलग-अलग व्यवस्था करनी होगी। आयोजन स्थल पर पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति थर्मल स्कैनिंग करना भी अनिवार्य है।