भारत सरकार के स्टार्ट-अप इंडिया प्रोग्राम की दिशा में अब दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी अपना कदम बढ़ा दिया है। डीयू अब छात्रों को स्टार्ट-अप शुरू करने के लिए तैयार करेगा बल्कि उन्हें कुछ हद तक आर्थिक सहायता भी देगा।
डीयू के कलस्टर इनोवेशन सेंटर-सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन एंड कम्यूनिकेशन ने इसके लिए काम करा शुरू किया है। इसके लिए डीयू में पहली बार लगभग 35 छात्रों को तीन सप्ताह की खास ट्रेनिंग दी गई। अब डीयू की योजना प्रत्येक तीन माह में इस तरह की ट्रेनिंग देने की है।
कलस्टर इनोवेशन सेंटर-सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन एंड कम्यूनिकेशन की कोर्डिनेटर व डीयू रिसर्च काउंसिल की डिप्टी डीन डॉ दीपिका भास्कर ने बताया कि देशभर के विश्वविद्यालयों के स्नातक स्तर के ऐसे छात्रों से आवेदन मांगे गए जो अपना कोई स्टार्ट-अप शुरू करना चाहते हैं। देशभर से कुल 253 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किए, जिसमें 35 छात्रों को तीन हफ्ते की ट्रेनिंग के लिए चयनित किया गया। इनमें से डीयू के ही ज्यादातर छात्र थे।
छात्रों में इंटरप्रिन्योरशिप (उद्यमिता) स्किल को बढ़ाने के लिए यह ट्रेनिंग दी गई। इस ट्रेनिंग में उन्हें अपने स्टार्ट-अप शुरू करने की बारीकियों से भी अवगत कराया गया। तीन हफ्ते की इस ट्रेनिंग में उन्हें ऐसे लोगों से भी रूबरू कराया गया जो कि अपना स्टार्ट-अप शुरू कर चुके हैं। उन्हें इस बात के लिए प्रशिक्षित किया गया कि उन्हें आइडिया का कैसे चयन करना है, बाजार के लिए क्या रणनीति बनानी है, स्टार्ट-अप को बढ़ाने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल कैसे करना है।
पांच छात्रों को देंगे पांच लाख
डॉ. दीपिका ने बताया कि ट्रेनिंग के बाद छात्रों ने अपने बिजनेस प्लान को पैनल के समक्ष प्रस्तुत किया। पैनल ने पांच छात्रों का चयन किया है। इन छात्रों को स्टार्ट-अप शुरू करने के लिए पांच लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। जबकि कुछ छात्रों को स्टार्ट-अप शुरू कर चुकी हस्तियां गाइड करने का काम करेंगी। इसे और आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता भी मुहैय्या कराई जाएगी। इसके लिए सरकारी फंडिंग के लिए आवेदन दिया गया है अब मंजूरी का इंतजार है।
अक्तूबर में केवल छात्राओं को ट्रेनिंग
अब यह योजना तैयार की गई है कि स्टार्ट-अप शुरू करने के लिए केवल छात्राओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए अक्तूबर में एक सप्ताह की ट्रेनिंग छात्राओं को प्रदान की जाएगी।