दिल्ली विश्वविद्यालय में मेरिट लिस्ट के दाखिले का पहला चरण शुक्रवार को समाप्त हो गया है। इस चरण में तीन मेरिट लिस्ट के आधार पर काफी संख्या में दाखिले हुए हैं। बावजूद कॉलेजों के पास अब भी सीटें खाली हैं।
इन सीटों पर दाखिले के लिए कॉलेजों को पहले से ही डर सताने लगा है। नामचीन कॉलेजों से शिफ्टिंग होने की संभावना तो काफी कम है। लेकिन आउट ऑफ कैंपस कॉलेजों को शिफ्टिंग होने से सीटें खाली होने का डर है।
आर्यभट्ट कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मनोज सिन्हा ने बताया कि पांचवीं कट ऑफ लिस्ट तक दाखिले कम हुए थे और रद होने के कारण सीटें खाली हो गई थी लेकिन मेरिट लिस्ट के पहले चरण में तीन मेरिट लिस्ट के आधार पर काफी दाखिले हो गए। इस कारण से अब केवल सभी श्रेणियों को मिलाकर 100-125 सीटें ही खाली हैं।
उन्होंने बताया कि कॉमर्स में दाखिले में अब भी शिफ्टिंग हो रही है। इस कारण से अगले चरण की दो मेरिट लिस्ट में शिफ्टिंग होने का डर है। यदि शिफ्टिंग हुई तो सीटें खाली होगीं और फिर उन्हें भरना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि दाखिले 16 अगस्त तक संपन्न होने हैं।
अरबिंदो कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विपिन अग्रवाल ने बताया कि मेरिट लिस्ट के शुक्रवार तक संपन्न हुए पहले चरण का विश्लेषण किया जाए तो अगले चरण में सभी श्रेणियों को मिलाकर 30-40 सीटें ही दाखिले के लिए रहेंगी।
हालांकि कॉलेज को अगले चरण में रद होने वाले दाखिले को लेकर डर है। उन्होंने कहा कि मेरिट लिस्ट के दाखिले केअंतिम दिन शुक्रवार को ही विभिन्न कोर्सेज से 15 दाखिले रद हुए हैं। इस कारण से अगले चरण को लेकर भी दाखिले व शिफ्टिंग होने का डर है।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को कॉलेज बची हुई सीटों की कोर्स व कैटेगिरी के आधार पर जानकारी जारी करेंगे। इसके बाद सात अगस्त व आठ अगस्त को इन सीटों पर दाखिले के लिए छात्रों को आवेदन करना होगा। आवेदन केआधार पर कॉलेज 9 अगस्त को पहली मेरिट लिस्ट जारी करेंगे और 10 व 11 अगस्त को दाखिले लेंगे। उसकेबाद 12 अगस्त को दूसरी मेरिट लिस्ट जारी होगी और 13 अगस्त व 16 अगस्त को दाखिले होंगे।