अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सचिव सिद्धार्थ यादव ने कहा कि इन्हीं समस्याओं को देखते हुए उनके संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सोमवार को मुलाकात की।
ABVP चाहती है कि जेएनयू और जामिया की तरह यहां भी असाइनमेंट देकर छात्रों का मूल्यांकन हो, या विश्वविद्यालय अपनी सुविधानुसार परीक्षा की कोई भी अन्य उचित पद्धति स्वीकार करे, जिससे छात्रों का नुकसान न हो।
इससे छात्रों के बीच शारीरिक दूरी बनाये रखना भी संभव होगा और उनका सही मूल्यांकन भी होगा।
ABVP ने कहा है कि वह बिना परीक्षा के अंतिम वर्ष के छात्रों को अगली कक्षाओं में प्रमोट करने के पक्ष में नहीं है।
आपात परिस्थिति में विश्वविद्यालय छात्रों को उनकी अगली कक्षाओं में प्रवेश दे सकता है लेकिन बाद में सही समय पर उनकी परीक्षा लेकर उचित रिजल्ट देना चहिये।
दिल्ली विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य राजेश झा ने अमर उजाला को बताया कि विश्वविद्यालय चाहता तो इस समस्या से बचा जा सकता था।
अगर डीयू की एग्जीक्यूटिव काउंसिल और अकादमिक काउंसिल के माध्यम से चीजों को नियम के अनुसार चर्चा कर आगे बढ़ाया जाता तो इन समस्याओं का समाधान पहले ही कर लिया गया होता।