समारोह में उपस्थित अतिथिगण...
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इस अवसर पर सभ्यता फाउंडेशन की सलाहकार बोर्ड की सह-अध्यक्ष श्रीमती अवंतिका डालमिया ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हमारे सबसे बड़े खजानों में से एक है और इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए जीवित रखना हमारी जिम्मेदारी है। ऐतिहासिक पुराना किला में इस तरह की पहली सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हमारी परंपराओं को आज के समय में अधिक सुलभ और प्रासंगिक बनाने की दिशा में एक कदम है।
सभ्यता फाउंडेशन के लिए स्मारक सारथी के रूप में घोषित होने के बाद यह पहला कार्यक्रम भी है जो इस अवसर को और भी खास बनाता है। हम सभ्यता फाउंडेशन में ऐसे अनुभव तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो हमारे अतीत का सम्मान करें और वर्तमान में समुदायों को जोड़ें। हम संस्कृति मंत्रालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और दिल्ली सरकार को उनके अमूल्य सहयोग के लिए धन्यवाद देते हैं।
स्मारक सारथी के तौर पर सभ्यता फाउंडेशन को दिल्ली में पुराना किला, हुमायूं का मकबरा, सफदरजंग का मकबरा और महरौली पुरातत्व पार्क इन चार ऐतिहासिक स्थलों के रख-रखाव और प्रचार का जिम्मा सौंपा गया है। फाउंडेशन का प्रयास इन स्मारकों को भारत की जीवंत विरासत को प्रदर्शित करने वाले स्थलों में बदलने पर केंद्रित है। इसके लिए यह सुविधाओं, पहुंच, सुरक्षा, स्वच्छता और शैक्षिक अनुभवों को बेहतर बनाने का काम कर रहा है। लाल किला में डालमिया भारत के साथ अपनी सफल साझेदारी के अनुभव का लाभ उठाते हुए, जहां इसने प्रशंसित 'जय हिंद' ध्वनि और प्रकाश शो जैसे परिवर्तनकारी अनुभव प्रस्तुत किए सभ्यता फाउंडेशन इन चारों स्थलों पर भी इसी तरह की दूरदर्शिता और नवाचार लाने का इरादा रखता है।