सीईईडब्ल्यू की तरफ से आयोजित नेशनल डायलॉग ऑन इमर्जिंग ट्रेंड्स इन ई-मोबिलिटी के दौरान पेश किए गए अध्ययन रिपोर्ट में सामने आया है कि वित्त वर्ष 2021-22 और वित्त वर्ष 2022-23 की पहली छमाही में ईवी की सर्वाधिक बिक्री करने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश (1.65 लाख ईवी) सबसे आगे है। इस मौके पर ईवी क्षेत्र के कई विशेषज्ञ और हितधारक शामिल हुए।
सीईईडब्ल्यू के सीईओ डॉ. अरुणभा घोष के मुताबिक देश के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में ईवी की अहमियत लगातार बढ़ रही है। दोपहिया और तिपहिया ईवी के लिहाज से बढ़ते कदम को देखते हुए राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर विकास की रफ्तार और तेज हो सकती है। राज्यों को विद्युतीकरण को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इससे रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
सीईईडब्ल्यू-सीईएफ के अध्ययन में सामने आया है कि ईवी के मामले में दोपहिया और ई-रिक्शा की सर्वाधिक 93.5 फीसदी हिस्सेदारी है। सीईईडब्ल्यू-सीईएफ के निदेशक गगन सिद्धू ने कहा कि भारत में ईवी में ई-टू-व्हीलर्स और ई-रिक्शा की संख्या सबसे ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक ईवी के लिए फेम-दो सब्सिडी सहित राज्यों की अलग ईवी नीति लागू करने वाले राज्यों में दोगुना से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई।