टिकरी और सिंधु बॉर्डर पर सोमवार को भी आवागमन पूरी तरह बंद रहा। इस दौरान दोनों बॉर्डर पर सारा दिन एक तरफ किसान और दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस के जवान डटे रहे। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से लोगों को सिंधु बॉर्डर, मुकरबा चौक, रोहिणी, जीटी करनाल रोड, एनएच-44 की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई थी।
आउटर रिंग रोड पर दिन भर भारी संख्या में वाहनों का आवागमन जारी रहा। सोमवार को रिंग रोड पर जाम से बचने के लिए वाहनों की दिशा को आजादपुर की तरफ डायवर्ट किया गया था। इस बीच आजादपुर से वजीरपुर और इनर रिंग रोड से पीतमपुरा होते हुए रोहिणी जाने वाले मुख्य मार्ग पर दिन भर भारी संख्या में वाहनों का आवागमन जारी रहा। इस बीच इन सभी मार्गों पर वाहनों की गति बेहद धीमी बनी हुई थी।
दूसरी तरफ रिंग रोड से मुंडका और टीकरी बॉर्डर की तरफ जाने वाले रास्तों पर भी दिन भर भारी संख्या में वाहनों का आना-जाना लगा रहा। टिकरी बॉर्डर बंद होने की वजह से कुछ लोगों ने नजफगढ़ और किराड़ी जाने के लिए इस रूट पर स्थित कॉलोनियों के बीच के वैकल्पिक रास्ते का प्रयोग किया। जिसके कारण नांगलोई से किराड़ी जाने वाले रास्ते पर भी जाम जैसी स्थिति बनी हुई थी।
किसान आंदोलन की वजह से दक्षिण पश्चिम दिल्ली और उत्तर पश्चिम दिल्ली के निवासियों को पिछले 4 दिन से सर्वाधिक जाम के संकट से गुजरना पड़ रहा है। जब तक किसान आंदोलन का समाधान नहीं निकलता माना जा रहा है कि ऐसी स्थिति बनी रहेगी। ऐसे में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जाम में फंसने से बचने के लिए लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। इस बीच दिल्ली से हरियाणा जाने के लिए लोगों को झडोदा, ढासा, दौराला, बड़ोसराय, कापासेड़ा, पालम विहार और डूंडाहेड़ा बॉर्डर का प्रयोग करने के लिए कहा गया है।