दिल्ली सरकार के कर राजस्व में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 2024 में दिल्ली सरकार को मुनाफा हुआ है। वहीं, संपत्तियों की बिक्री और अन्य दस्तावेजों के पंजीकरण पर स्टांप शुल्क से दिल्ली की आय में 28% से अधिक की बढ़त देखी गई।
दिल्लीवासियों ने इस बार सरकार को खूब टैक्स दिया है। राजधानी के वित्त विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में रेवेन्यू कलेक्शन में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 13% की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, संपत्तियों की बिक्री और अन्य दस्तावेजों के पंजीकरण पर स्टांप शुल्क से दिल्ली की आय में 28% से अधिक की बढ़त देखी गई।
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वित्त विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक रिपोर्ट में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली सरकार ने 2023-24 में जीएसटी, वैट उत्पाद शुल्क और मोटर रजिस्ट्रेशन शुल्क से 53,680 करोड़ रुपये का कर वसूला है। दिल्ली सरकार द्वारा पेश पिछले साल के अनुमानित मार्च बजट 53,565 करोड़ रुपये से अधिक 100 करोड़ की बढ़त हुई है।
वहीं, पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में वैट वसूली में 8.8% की वृद्धि हुई और मोटर वाहनों पर कर और पंजीकरण शुल्क में 12.4% की वृद्धि से हुई हैं। आबकारी को छोड़कर सभी क्षेत्रों में, जिसमें पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 7% की गिरावट देखी गई थी, लगभग 9% की आर्थिक वृद्धि के कारण राजस्व में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। 2023-24 में जीएसटी संग्रह में 2023-23 की तुलना में 15.6% की वृद्धि देखी गई हैं।
दिल्ली में व्यवसाय करना हुआ आसान
उधर, दिल्ली सरकार ने पुराने कानूनों को खत्म करके और ज्यादातर जगहों पर सिंगल विंडो सुविधाएं देकर लोगों के लिए व्यवसाय चलाना आसान कर दिया है।