दिल्ली सरकार ने राजधानी की सड़कों को चकाचक बनाने की कवायद शुरू कर दी है। बुनियादी योजना आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 जैसी सड़कें तैयार करने की है। इसमें फुटपाथ, साइकिल लेन, मुख्य कैरिज वे, क्रासिंग आदि का खास ध्यान रखा जाएगा। दिल्ली सरकार के सूत्रों की मानें तो आने वाले बजट में सरकार इसके लिए विशेष आवंटन करेगी। जिसके एक साल के भीतर दिल्ली सरकार के अधीन 100 फीट या इससे ज्यादा चौड़ी सभी सड़कों का कायाकल्प हो जाएगा।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस बारे में बुधवार को विशेषज्ञों के साथ लंबी बैठकें की। इसमें पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन व आला विभागीय अधिकारी मौजूद थे। बैठक में मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञों से योजना की व्यवहारिकता पर चर्चा की। वहीं, दिल्ली की आबोहवा खराब करने वाले धूल के महीन कणों की समस्या पर बात की। विशेषज्ञों ने बताया कि अगर बजटीय संसाधन आड़े नहीं आते तो एक साल के भीतर सड़कों का पुनर्विकास संभव है। इस दौरान मुख्यमंत्री के सामने प्रजेंटेशन भी पेश किया गया।
सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस बारे में अधिकारियों को जल्द विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। जिससे बजट में इसके लिए आवंटन किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सारे प्रोजेक्ट उनकी सीधी निगरानी में होंगे। किसी भी हालत में समय सीमा पर इसे पूरा करना होगा। दिल्ली सरकार अपनी तरफ से प्रोजेक्ट तैयार करने में कोई अड़चन पैदा नहीं होने देगी। एक साल के भीतर दिल्ली की 50 फीसदी से ज्यादा सड़कें एयरपोर्ट की नजदीकी सड़कों जैसी दिखने लगेंगी।
दिल्ली सरकार की तरफ से तैयार प्रोजेक्ट का खाका
- पीडब्ल्यूडी तैयार करेगा प्रोजेक्ट की कार्ययोजना, सरकार बजट में देगी धनराशि।
- 100 फीट या इससे ज्यादा चौड़ी सड़कें होगी प्रोजेक्ट की जद में। करीब 50 फीसदी सड़कें होंगी चकाचक।
- मुख्य कैरिज वे के साथ फुटपाथ, साइकिल लेन व क्रासिंग पर होगा विशेष इंतजाम
- हरित क्षेत्र बढ़ाकर धूल के महीन कणों को जायेगा रोका
- निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी प्रोजेक्ट को करेगी तैयार प्रोजेक्ट।
- तीन से पांच साल तक सड़कों के रखरखाव का होगा कंपनी का जिम्मा।