न्यायाधीश ने कहा मुकदमे के खत्मे तक आवेदकों को सलाखों के पीछे रखना मुझे उचित नहीं लगता, क्योंकि मुख्य गवाहों के परीक्षण के बावजूद उनके खिलाफ कोई गंभीर सबूत सामने नहीं आया है।
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को 2020 के उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान हत्या के सात आरोपियों को जमानत देते हुए कहा कि मुख्य गवाहों के बयानों के बावजूद उनके खिलाफ कोई गंभीर सबूत सामने नहीं आया है।
विज्ञापन
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला 26 फरवरी 2020 को गोकलपुर में जौहरीपुर जल बोर्ड पुलिया के पास दंगों के दौरान अमीर अली की कथित हत्या के मामले में प्रिंस, सुमित चौधरी, संदीप, पंकज शर्मा, टिंकू, विवेक पंचाल और हिमांशु की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे।
न्यायाधीश ने कहा, 'मुकदमे के खत्मे तक आवेदकों को सलाखों के पीछे रखना मुझे उचित नहीं लगता, क्योंकि मुख्य गवाहों के परीक्षण के बावजूद उनके खिलाफ कोई गंभीर सबूत सामने नहीं आया है। इसलिए, सभी जमानत आवेदनों को स्वीकार किया जाता है और अभियुक्तों या याचिकाकर्ताओं को उनके व्यक्तिगत मुचलके और 30,000 रुपये के जमानती मुचलके पर जमानत दी जाती है'।