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Road Accidents Delhi : निजी कारें ले रहीं सबसे ज्यादा लोगों की जान, दोपहिया वाहनों से सर्वाधिक दुर्घटनाएं

Fri, 17 Nov 2023 05:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटनाओं को अंजाम देने वाले वाहनों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि इनमें निजी कारें सबसे अधिक घटनाओं के लिए जिम्मेदार थीं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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राष्ट्रीय राजधानी में निजी कारें सबसे ज्यादा लोगों की जान ले रही हैं। वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटनाओं को अंजाम देने वाले वाहनों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि इनमें निजी कारें सबसे अधिक घटनाओं के लिए जिम्मेदार थीं। 

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वर्ष 2022 में कारों से 1275 गैर-घातक दुर्घटनाएं हुईं। 1471 घातक दुर्घटनाओं में 196 लोगों की जान गई। निजी कारों के बाद दिल्ली में जान लेने वाले मालवाहक वाहन दूसरे नंबर पर हैं। मालवाहक वाहनों ने 178 घातक और 241 गैर-घातक दुर्घटनाओं को अंजाम दिया। वैसे देखा जाए तो दिल्ली में सबसे ज्यादा अज्ञात वाहनों ने 47 फीसदी लोगों की जान ली है।

दिल्ली यातायात पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि आंकड़ों के विश्लेषण से पता लगा है कि कारों व मालवाहक वाहनों के अलावा स्कूटर और मोटरसाइकिलों ने दिल्ली में सबसे ज्यादा लोगों की जान ली है। दोपहिया वाहनों ने 144 घातक और 645 गैर-घातक दुर्घटनाओं को अंजाम दिया। सड़क दुर्घटनाओं में डीटीसी बसों का एक और प्रमुख योगदान था, जिसमें 126 दुर्घटनाएं शामिल थीं, जिनमें 37 मौतें और 89 गैर-घातक घटनाएं शामिल थीं। 
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दोपहिया वाहनों से सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं
मोटर चालित दोपहिया वाहनों की दुर्घटनाएं मुख्य रूप से कारों/टैक्सी/जीप के कारण होती हैं, जो वर्ष 2022 में 780 दुर्घटनाएं हैं। इसके बाद अज्ञात वाहनों द्वारा सर्वाधिक दुर्घटनाएं की गईं, जो 677 हैं। पैदल चलने वालों के प्रति 2234 दुर्घटनाओं में से अज्ञात वाहनों से 949 दुर्घटनाएं हुईं, दोपहिया वाहन 412 दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।

पैदल यात्रियों की मौत
2022 में सभी प्रकार के वाहनों के कारण 623 घातक दुर्घटनाओं में 629 पैदल यात्रियों की मौत हुई, जबकि 2021 में 504 पैदल यात्रियों की मौत हुई थी। कार/जीप/टैक्सियों के कारण पैदल यात्रियों की संख्या 2021 में 63 की तुलना में वर्ष 2022 में बढ़कर 69 हो गई है। दोपहिया वाहनों के कारण 2021 में 34 के मुकाबले 2022 में 54 पैदल यात्री घातक दुर्घटनाएं हुईं। 2021 में 297 के मुकाबले 2022 में अज्ञात वाहनों के कारण पैदल चलने वालों के प्रति 358 घातक दुर्घटनाएं हुईं। 2021 में 20 के मुकाबले 2022 में 30 घातक दुर्घटनाओं के लिए बसें जिम्मेदार थीं। (डेटा 2021 के लिए स्रोत: दिल्ली रोड क्रैश रिपोर्ट 2021)। पैदल चलने वालों के प्रति घातक दुर्घटनाओं की सबसे कम संख्या क्रमशः एलजीवी (27), वाहनों के अन्य मोड (21) और टीएसआर (12) के कारण हुई है। 

घातक दुर्घटनाओं में पीड़ित
2022 में कारों / टैक्सियों ने 206 घातक दुर्घटनाएं कीं। ये घातक दुर्घटनाओं का 14.42 प्रतिशत था। 181 घातक दुर्घटनाओं (12.67%) के साथ भारी वाहन दूसरे स्थान पर हैं। कुल घातक दुर्घटनाओं में से 10.1 प्रतिशत दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों की वजह से हुईं।

आरोपी वाहनों और पीड़ितों का राज्यवार वर्गीकरण
आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में पंजीकृत वाहनों के कारण अधिक घातक दुर्घटनाएं हुईं। (पंजीकरण विवरण के साथ 68.03 फीसदी) इसके बाद हरियाणा (22.29 फीसदी) और उत्तर प्रदेश (4.75 फीसदी) में पंजीकृत वाहनों से सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। यह परिदृश्य वर्ष 2021 के समान है। साधारण दुर्घटनाओं के मामले में कुल 4132 साधारण दुर्घटना मामलों के मुकाबले 1744 मामलों में दुर्घटना करने वाले वाहन ज्ञात नहीं हैं। जिन मामलों में उल्लंघन करने वाले वाहनों की पंजीकरण संख्या ज्ञात है, उनमें से दिल्ली 76.84% (1835 मामले), हरियाणा 14.1% और उत्तर प्रदेश (6.03%) है। हरियाणा में पंजीकृत एचटीवी 80 (52.63%) घातक दुर्घटना मामलों में शामिल थे। 

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