लॉकडाउन के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे हुए लोगों को उनके घर भेजने की कवायद शुरू कर दी गई है। राजधानी में फंसे लोगों को उनके घरों तक भेजने के लिए दिल्ली सरकार व दिल्ली पुलिस ने भी अपना काम शुरू कर दिया है। दिल्ली पुलिस की ओर से बृहस्पतिवार को बताया गया कि इसको अमलीजामा पहनाने के लिए विभिन्न राज्यों के रेजिडेंट कमिश्नरों से संपर्क कर उनके यहां तैयारी के बारे में जानकारी मांगी गई है।
बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस प्रवक्तर मंदीप सिंह रणधावा ने बताया कि गृह मंत्रालय की ओर से इस संबंध में बुधवार को गाइड लाइंस जारी कर दी गई है। इसके तहत अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासी मजदरों, छात्रों, पर्यटक व अन्य लोगों को उनके घर तक जाने की इजाजत दे दी गई है। पुलिस की ओर से बताया गया कि इसके लिए कुछ नियम और औपचारिकताओं को पूरा करना होगा। सबसे पहले जाने वाले शख्स को अपना पंजीकरण कराना होगा। इसके आधार पर ही उसके राज्य के अधिकारियों से संपर्क साधकर समन्वय स्थापित कर फंसे हुए शख्स को भेजने का काम किया जाएगा।
जिला प्रशासन की ओर से एक फॉर्म भी इसके लिए जारी किया गया है। बृहस्पतिवार को उसे जमा करवाने के लिए पहाड़गंज थाने के बाहर लोगों की भीड़ भी देखी गई। इन सब प्रक्रिया के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा जाएगा। दूसरी ओर बगैर स्क्रीनिंग के किसी भी शख्स को दूसरे राज्य की सीमा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
एक राज्य से दूसरे राज्य जाने वाले शख्स की जिम्मेदारी उसी राज्य की होगी कि वह उसे होम क्वारंटीन करे या अलग व्यवस्था करे। दिल्ली पुलिस की ओर से बृहस्पतिवार को यह भी बताया गया कि इसको लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहें भी खूब चल रही है। दिल्ली पुलिस सब पर नजर रखे हुए है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।