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Delhi: अपराध और नशे के खिलाफ पुलिस ने शुरू की पाठशाला, नाबालिगों को किया जा रहा जागरूक

Mon, 12 Dec 2022 09:18 AM IST
शाहरुख खान राजीव कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जहांगीरपुरी थाने के एक निरीक्षक और महिला उप निरीक्षक ऐसे नाबालिग और युवाओं की पहचान कर उन्हें जागरूक कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर पढ़ाई छोड़ चुके हैं। वह अपराध की तरफ न जाएं इसके लिए उनकी काउंसलिंग की जा रही है।
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अपराध और नशे के खिलाफ पुलिस की पाठशाला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर पश्चिम जिला पुलिस ने नफरत और नशे के खिलाफ पाठशाला शुरू की है। इसका मकसद असामाजिक और आपराधिक गतिविधियों से युवाओं को दूर करना है। इसके लिए पुलिस जहांगीरपुरी थाने में हर रविवार को काउंसलिंग सत्र आयोजित कर रही है। यहां उन्हें नशे के हानिकारक प्रभाव, अपराधियों की संगत से दूरी बनाने और नफरत वाले वीडियो की नकल नहीं करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में अपराध में शामिल होने वाले नाबालिगों और युवाओं की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। वर्ष 2020 में 2455 नाबालिगों को पुलिस ने पकड़ा था। वहीं, वर्ष 2021 में 2643 नाबालिगों को पकड़ा। पहली बार पकड़े गए नाबालिगों और युवाओं की जांच करने पर पता चला कि नशे के आदी होने से ज्यादातर पढ़ाई छोड़ चुके थे।

साथ ही, कई मामलों में यह बात भी सामने आई कि वह इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर चल रहे वीडियो से प्रभावित होकर उन्होंने वारदात अंजाम दी। जहांगीरपुरी इलाके में एक नाबालिग ने इंस्टाग्राम पर वीडियो डालकर खुद को मशहूर करने के लिए एक अनजान युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी और दोस्त से वीडियो  बनवाया।
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हाल ही में भलस्वा डेयरी इलाके में एक लड़की ने इंस्टाग्राम पर कमेंट करने पर नाबालिग भाई और दोस्तों के साथ मिलकर दो युवकों की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। इन मामलों के सामने आने के बाद उत्तर पश्चिम जिला पुलिस ने नाबालिग और युवाओं को जागरूक करने का फैसला किया। 
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जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि जहांगीरपुरी थाने के एक निरीक्षक और महिला उप निरीक्षक ऐसे नाबालिग और युवाओं की पहचान कर उन्हें जागरूक कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर पढ़ाई छोड़ चुके हैं। वह अपराध की तरफ न जाएं इसके लिए उनकी काउंसलिंग की जा रही है।

उन्हें बताया जा रहा है कि वह पुलिस के युवा अभियान से जुड़ें। इस अभियान के तहत हुनरमंद बनाकर युवाओं को कंपनियों में नौकरी दिलाई जाती है। ऐसे युवाओं की जिंदगी में काफी बदलाव आ चुका है। युवाओं को नशे, अपराध और नफरत भरे वीडियो से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
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