इसे देखते हुए प्रगति मैदान की ओर जाने वाले मार्गों पर उन ट्रैफिक पुलिस अधिकारी व कर्मियों को तैनात करना शुरू कर दिया है जो सम्मेलन के दौरान रूट पर तैनात किए जाएंगे। पुलिसकर्मियों को इसलिए अभी से तैनात किया जा रहा है, ताकि इन्हें पूरी जानकारी व परेशानियों का पता चल सके। साथ ही, विदेशी मेहमानों के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी होने पर देश की छवि खराब न हो। ये कर्मी ट्रैफिक पुलिस के सभी सर्किलों से हैं।
मुख्यालय में दी जा रही ट्रेनिंग
रूट व अन्य तैयारियों के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के टोडापुर स्थित पुलिस मुख्यालय में हर रोज ट्रेनिंग दी जाती है। यहां पर हर सर्किल से 50 से 60 ट्रैफिक पुलिसकर्मी ट्रेनिंग लेने जाते हैं। वहीं, विदेशी मेहमानों के लिए एक साथ 40 रूट लगने से दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा सकती है। ऐसे में पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि जी-20 सम्मेलन के दौरान दो दिन का राजकीय अवकाश घोषित किया जा सकता है।
जाम लगने वाले स्थानों का सर्वे
पुलिस ने जाम लगने वाले स्थानों का ड्रोन से सर्वे कराया है। इसमें 200 स्थान ऐसे में मिले हैं जहां पर जाम लगता है। इन स्थानों पर जाम लगने की वजह व समाधान को लेकर रिपोर्ट तैयार की गई है। इस रिपोर्ट को उपराज्यपाल कार्यालय भेजा गया है, ताकि पुलिस, निगम, पीडब्ल्यूडी समेत अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर जाम मुक्त बनाया जा सके।