पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि वह बेगूसराय, बिहार निवासी मनोज कुमार दास के कहने पर मणिपुर में कबीर से हेरोइन लेकर आए हैं। एक टीम को बिहार भेजा गया, वहीं क्रेटा कार समेत मनोज को पटना रोड से दबोच लिया गया। तीनों ने पूछताछ में बताया कि हेरोइन बाराबंकी निवासी हाशिम उर्फ नेता को भी सप्लाई की जाती है। हाशिम अपने एक जानकार से मिलने दिल्ली आने वाला था। पुलिस ने छापेमारी कर बवाना, दिल्ली से हाशिम को भी दबोच लिया।
मनोज सरगना, सूफियान और इस्माइल कूरियर
पूछताछ में सूफियान और इस्माइल ने बताया कि वह मनोज कुमार दास के कहने पर कूरियर का काम करते हैं। मनोज मणिपुर में बैठे ड्रग्स माफिया कबीर से हेरोइन देने के लिए कहता है। दोनों मणिपुर या अन्य जगह से हेरोइन लेते और पैकेट बनाकर कार की डिक्की और बोनट में बनाई गई गुप्त जगह में छुपाकर ले आते। मनोज के इशारे पर हेरोइन को दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार, पंजाब, हरियाणा व दूसरे राज्यों में पहुंचा दिया जाता। वे चार-पांच बार मनोज के कहने पर भारी मात्रा में हेरोइन लाकर सप्लाई कर चुके हैं। छानबीन में पुलिस को पता चला है कि मनोज गैंग का सरगना है। वह आठ-दस साल से नशे का धंधा कर रहा है। कबीर पड़ोसी देशों से कच्चा माल मंगाकर भारत में हेरोइन तैयार करता है। हाशिम नेता भी मनोज से ही हेरोइन मंगवाकर दिल्ली-एनसीआर और यूपी में सप्लाई कर रहा था।