सीएए-एनआरसी के विरोध को जिंदा रखने के लिए दोनों आरोपी प्रदर्शनकारियों के अंदर जिहाद की बातें करते थे। अपने इस काम को अंजाम देने के लिए आरोपी लगातार अफागानिस्तान के आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के संपर्क में थे। स्पेशल सेल इनकी गतिविधियों पर एक महीने से नजर बनाए हुए थी।
यह लोग कश्मीर से पिछले साल अगस्त में दिल्ली पहुंचे थे। दिल्ली में यह लोग खास इलाकों में जाकर लोगों को बरगलाने का काम कर रहे थे। आरोपी दंपती के ऊपर युवाओं को आईएस संगठन में भर्ती का जिम्मा सौंपा गया था।
युवाओं को अपने संगठन में भर्ती कर किसी बड़ी आतंकी घटना की साजिश रचने का आरोप है। स्पेशन सेल के अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की कॉल डिटेल से लेकर उन्हें दिल्ली में पनाह देने वालों की भी तलाश की जा रही है।
सोशल मीडिया के जरिए करते थे बातें
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अधिकारी ने बताया कि दंपति अफगानिस्तान के खोरासन प्रांत में रहने वाले आईएस आतंकियों व आतंकी बने भारतीयों के संपर्क थे। ये सोशल मीडिया के जरिए बात करते थे। ये व्हाट्सएप कॉल भी करते थे। आरोपी काफी समय से आईएस आतंकियों के संपर्क में थे। स्पेशल सेल इस बात की जांच कर रही है कि ये जम्मूकश्मीर से दिल्ली में क्यों आए थे।
भारत सरकार के खिलाफ भी भड़काते हैं
स्पेशल सेल की जांच में ये बात सामने आई है कि आरोपी सीएए के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों को सीएए के खिलाफ भड़काते थे। स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरसोपी दंपति प्रदर्शनकारियों को भारत सरकार के खिलाफ भड़काते थे।
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