दिल्ली पुलिस का शर्मनाक चेहरा एक बार फिर सामने आ गया है। रोहिणी थाने के सब-इंस्पेक्टर पर 2 युवतियों के साथ थाने में अमानवीय बरताव करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
पीड़ित लड़कियों की शिकायत पर आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे सस्पेंड कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार दोनों लड़कियों को चोरी से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था।
पीड़िताओं का आरोप है कि पूछताछ के दौरान थाने में नियुक्त एक हवलदार ने उनके साथ छेड़खानी करने की भी कोशिश की। शिकायत के बाद आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है।
कपड़े उतार कर बेरहमी से पीटा
असल में रोहिणी इलाके में स्थित एक प्राइवेट कंपनी के ऑफिस में चोरी का मामला दर्ज करवाया गया था। कुछ महीने पहले हुई इस घटना के मामले में पूछताछ के लिए रोहिणी पुलिस ने इन दोनों युवतियों को थाने बुलाया था।
परिवार संग थाने पहुंची युवतियों को अंदर रोक कर परिवार वालों को थाने के बाहर भेज दिया गया। इसके बाद पूछताछ के बहाने उन्हें बेरहमी से मारा-पीटा गया। इतना ही नहीं लड़कियों का आरोप है कि थाने में उनके कपड़े भी उतार दिए गए।
मामले के प्रकाश में आते ही आम आदमी पार्टी की नेता और पूर्व मंत्री राखी बिड़लान थाने पहुंची और पुलिस से इस मामले में जानकारी ली।
एक लड़की अस्पताल में भर्ती
सूत्रों की मानें तो परिवार वालों की शिकायत के बाद शुक्रवार रात आम आमदी पार्टी की विधायक राखी बिड़लान के थाने जाकर इस मामले पर पुलिस से जानकारी मांगने के बाद मामला प्रकाश में आया।
उनकी शिकायत के बाद पुलिस ने मामला संभालते हुए आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया। बताया जा रहा है कि पीड़ित लड़कियां रोहिणी में एक कंपनी में कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करती थीं।
पुलिस की बेरहमी से पिटाई के बाद पीड़ित लड़कियों में से एक फिलहाल अस्पपताल में भर्ती है। चोरी की यह वारदात एक महीने पहले की है। इस मामले में सबइंस्पेक्टर राजबीर के साथ दो महिला कांस्टेबल को भी संस्पेंड किया गया है।
सीएम, उपराज्यपाल और कमिश्नर से शिकायत करेगी 'आप'
दिल्ली के रोहिणी थाने में 2 लड़कियों को बुलाकर उन्हें पीटने का मामला काफी गंभीर हो गया है। आज आम आदमी पार्टी ने इसी संबंध में अपनी प्रेस कांफ्रेंस करके मामले को आगे तक ले जाने की बात कही है।
आप की प्रेस कांफ्रेंस में विधायक अलका लांबा, राखी बिड़लान और दिलीप पांडे ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए इस मुद्दे को बहुत ही गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के द्वारा सुप्रीम कोर्ट की सभी गाइडलाइनों को तार-तार किया गया है।
किसी महिला को सुबह 9 बजे से शाम ढलने तक पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए बिठाए रखना नियम के खिलाफ है। जिसके लिए आप के इन विधायकों ने दिल्ली के सीएम, उपराज्यपाल और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से शिकायत करने की बात कही है।
राखी बिड़लान ने बताया कि जिस चोरी के मामले में युवतियों को पूछताछ के लिए बुलाया था वह दिसंबर 2014 का है। लेकिन जिस तरह से पुलिस के आला अधिकारियों के नाक के नीचे ये सब हुआ वो बहुत ही हैरान करने वाला है। जिसके लिए आप हर स्तर तक जाकर युवतियों को न्याय दिलाएगी।
राखी बिड़लान ने ये भी कहा कि जिस तरह से दलित लड़कियों के साथ ये सब हुआ है जो पहले से ही समाज में दबे-कुचले हैं, बहुत ही निंदनीय है।